मध्यप्रदेश के मुरैना में एक सोलर पार्क स्थापित करने की तैयारियां चल रही हैं। यह सोलर पार्क प्रदेश का पहला ऐसा पार्क होगा, जिसमें सुबह 6 बजे से लेकर रात 8 बजे तक 17.60 लाख यूनिट बिजली की निरंतर सप्लाई का दावा किया जा रहा है। आमतौर पर, सोलर पार्क से 5-6 घंटे ही नियमित बिजली मिलती है, लेकिन मुरैना सोलर पार्क से अधिक समय तक बिजली मिलेगी। इस सोलर पार्क की टेंडर प्रक्रिया मई में पूरी होने की उम्मीद है। मध्यप्रदेश में सुबह 6 से 8 बजे तक और शाम 6 से 10 बजे तक बिजली की खपत ज्यादा रहती है, जिसे पीक आवर्स माना जाता है। मुरैना सोलर पार्क से बनने वाली बिजली, मप्र की बिजली कंपनियों को दी जाएगी। इस बिजली की आपूर्ति पीक आवर्स में भी कम दर (लगभग 3.5 रुपए प्रति यूनिट) पर होगी। वर्तमान में प्रदेश के अन्य सोलर प्लांट्स से बिजली की आपूर्ति का समय और मात्रा निश्चित नहीं होती। लेकिन मुरैना सोलर पार्क से बिजली की आपूर्ति निश्चित समय और मात्रा के साथ होगी। ऐसे करेंगे बिजली कंपनियों को सप्लाई…
सोलर प्लांट से तय कटऑफ के जरिए सप्लाई होगी बिजली, सूरज की किरणें तेज होने पर एक्स्ट्रा बिजली से बैटरी चार्ज करेंगे और किरणें धीमी होने पर बैटरी में स्टोर बिजली सप्लाई होगी। गौरतलब है कि सोलर पार्क में सुबह 8 बजे से बिजली बनना शुरू होती है। समय के साथ इसका ग्राफ बढ़ता है। दोपहर 2 बजे के बाद से नीचे आने लगता है। प्लांट में बिजली बनने और सप्लाई का गणित मई तक टेंडर प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद
मुरैना सोलर पार्क के पहले चरण के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है, जिसके मई में पूरे होने की संभावना है। इसमें 3600 करोड़ का खर्च आ सकता है। हमारा लक्ष्य 440 मेगावाट फिक्स बिजली सप्लाई का लक्ष्य है। इसके लिए हम बैटरी का इस्तेमाल करेंगे जो इसी सोलर पार्क से बनने वाली बिजली से चार्ज होंगी। हमारा प्रयास रहेगा कि बिजली की दर भी अन्य सोलर प्लांट के आसपास रहे। प्रोजेक्ट की कुल क्षमता 1400 मेगावाट है।
– अवनीश शुक्ला, कार्यपालन यंत्री, रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड


