मुरैना के एकमात्र डॉ. भीमराव अंबेडकर स्टेडियम में हरे-भरे पेड़ों की कटाई का मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि इन पेड़ों को काटने की कोई परमिशन नहीं ली गई है। रविवार को स्टेडियम में पेड़ काटे गए। जब इस बारे में जिम्मेदारों से सवाल किया गया, तो वे एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टालते नजर आए। खेल विभाग इसके लिए नगर निगम को जिम्मेदार बता रहा है, तो वहीं नगर निगम ने इससे पल्ला झाड़ लिया है। सेना भर्ती और एथलीट्स की तैयारी का केंद्र मुरैना जिले में डॉ. भीमराव अंबेडकर स्टेडियम एकमात्र खेल मैदान है। यहां बड़ी संख्या में खेल प्रेमी और सेना भर्ती की तैयारी करने वाले युवा फिजिकल एक्टिविटी के लिए आते हैं। हाल ही में यहां रनिंग ट्रैक बनाया गया है, जिसका जल्द ही लोकार्पण होना है। स्टेडियम के अंदर और बाहर काफी हरे-भरे पेड़ लगे थे, जो खिलाड़ियों को छांव देते थे, लेकिन अब उन्हें काटा जा रहा है। खेल अधिकारी बोले- निगम जाने, कमिश्नर बोले- दिखवाता हूं पेड़ कटाई के मामले में अधिकारियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। खेल अधिकारी प्रशांत कुशवाह का कहना है कि उनके विभाग द्वारा कोई पेड़ नहीं काटा जा रहा है। नगर निगम द्वारा पेड़ों की छंटाई की जा रही है। अगर पेड़ पूरा काटा गया है, तो यह नगर निगम जाने। नगर निगम कमिश्नर सतेंद्र सिंह धाकरे का कहना है कि यह गलत है कि नगर निगम पेड़ काट रही है। निगम द्वारा कोई पेड़ नहीं काटा जा रहा। फिर भी मैं पूरे मामले को दिखवाता हूं। रविवार को बिना रोक-टोक चले पेड़ पर हथियार रविवार को स्टेडियम परिसर में पेड़ों की कटाई की गई। प्रशासनिक अनुमति के बिना खेल विभाग और नगर निगम की कथित मिलीभगत या लापरवाही से यह काम हो रहा है। हरे पेड़ों के कटने से पर्यावरण प्रेमियों और खिलाड़ियों में नाराजगी है।


