खंडवा जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत कई प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। ये आदेश 5 अप्रैल तक प्रभावी रहेंगे। आदेशों का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। जारी आदेश के अनुसार जिले के सभी होटल, लॉज और धर्मशालाओं को किसी भी व्यक्ति को ठहराने से पहले उसका प्रमाणिक पहचान पत्र लेना अनिवार्य होगा। साथ ही ठहरने वाले व्यक्तियों की जानकारी उसी दिन संबंधित थाने को देना होगी। इसके अलावा मकान मालिकों को नए किरायेदारों और घरेलू नौकरों के स्वामियों को नए कर्मचारियों की जानकारी भी अनिवार्य रूप से थाने में जमा करानी होगी। बिना अनुमति जुलूस, धरना और प्रदर्शन पर प्रतिबंध कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के तहत हरसूद, पंधाना, मूंदी और ओंकारेश्वर नगरों की सीमा में बिना अनुमति कोई भी जुलूस, रैली, धरना या प्रदर्शन नहीं किया जा सकेगा। आयोजकों को कार्यक्रम से कम से कम 15 दिन पहले अनुमति के लिए आवेदन करना होगा। आवेदन में आयोजक का मोबाइल नंबर, फोटो, प्रतिभागियों की संख्या और दो व चार पहिया वाहनों की संख्या की जानकारी देना अनिवार्य होगी। जुलूस के दौरान एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और शासकीय वाहनों को मार्ग देना आयोजकों की जिम्मेदारी होगी। रात्रि 10 बजे के बाद ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग की अनुमति नहीं दी जाएगी। सार्वजनिक स्थलों, खंभों और सड़कों पर झंडे, बैनर और पोस्टर लगाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। जुलूस की वीडियोग्राफी अनिवार्य होगी, जो पुलिस विभाग के निर्देशन में कराई जाएगी। इसका खर्च आयोजक को वहन करना होगा। विभिन्न धर्मों से जुड़े आयोजनों के दौरान खंडवा शहर को ‘नो ड्रोन जोन’ घोषित किया गया है। साइबर कैफे संचालकों पर भी सख्ती सायबर अपराधों की रोकथाम के लिए जिले के सभी सायबर कैफे में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया है। कैमरों की रिकॉर्डिंग कम से कम एक माह तक सुरक्षित रखनी होगी। सायबर कैफे कर्मचारियों की पूरी जानकारी फोटो और पहचान पत्र सहित थाने में जमा करानी होगी। बिना आईडी प्रूफ के किसी भी व्यक्ति को कम्प्यूटर उपयोग की अनुमति नहीं दी जाएगी। सभी सिस्टम में पोर्न साइट फिल्टर अनिवार्य रहेगा। सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने पर कार्रवाई वॉट्सएप, फेसबुक सहित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर धार्मिक भावनाएं भड़काने वाली पोस्ट, फोटो या वीडियो साझा करने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में ग्रुप एडमिन और पोस्ट प्रसारित करने वाला व्यक्ति दोनों जिम्मेदार माने जाएंगे। यदि किसी ग्रुप में आपत्तिजनक सामग्री साझा की जाती है, तो ग्रुप एडमिन को तत्काल पुलिस को सूचना देना अनिवार्य होगा। सूचना नहीं देने पर एडमिन को भी दोषी माना जाएगा। कलेक्टर ने चेताया कि सोशल मीडिया पर किसी भी धर्म या समुदाय से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री साझा या फॉरवर्ड ना करें।


