झाबुआ जिले के मेघनगर रेलवे स्टेशन पर कलेक्टर नेहा मीना और एसपी रेलवे पद्म विलोचन शुक्ल ने दो नई योजनाओं का शुभारंभ किया। इन योजनाओं का उद्देश्य बच्चों को शिक्षा से जोड़ना और यात्रियों की सुरक्षा को मजबूत करना है। कार्यक्रम में रेलवे अधिकारी, समाजसेवी और स्थानीय लोग मौजूद रहे। झुग्गी-बस्ती के बच्चों के लिए ‘पटरी की पाठशाला’ रेलवे स्टेशन के आसपास झुग्गियों और बस्तियों में रहने वाले बच्चों के लिए ‘पटरी की पाठशाला’ शुरू की गई है। इस पहल के तहत बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ अच्छे संस्कार, स्वास्थ्य की जानकारी और सही जीवन मूल्यों से जोड़ा जाएगा। एसपी रेलवे पद्म विलोचन शुक्ल ने बताया कि इस योजना के तहत पहले भी इंदौर, उज्जैन और महू में कई बच्चों को स्कूलों में दाखिला दिलाया गया है। जरूरतमंद और दिव्यांग बच्चों को ट्राइसाइकिल जैसी मदद भी दी जा रही है। बच्चों को नशे और अपराध से दूर रहने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए QR कोड ऑटो सेवा एसपी ने बताया- यात्रियों, खासकर महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए QR कोड आधारित ऑटो सत्यापन सेवा शुरू की गई है। स्टेशन के बाहर खड़े सभी ऑटो अब सत्यापित होंगे और उन पर QR कोड लगाया जाएगा। यात्री इस QR कोड को मोबाइल से स्कैन कर ऑटो चालक का नाम, फोटो और अन्य जानकारी देख सकेंगे। जरूरत पड़ने पर यह जानकारी अपने परिवार को भी भेजी जा सकेगी। यह सुविधा पहले इंदौर, उज्जैन और रतलाम में शुरू की जा चुकी है और अब झाबुआ जिले में भी लागू कर दी गई है। कलेक्टर बोलीं- यह योजना महिला सुरक्षा का मजबूत साधन कलेक्टर नेहा मीना ने कहा कि यह योजना महिलाओं और बालिकाओं के लिए सुरक्षा का मजबूत साधन है। प्रशासन रेलवे स्टेशनों को सुरक्षित बनाने के लिए पूरा सहयोग करेगा। एसपी रेलवे पद्म विलोचन शुक्ल ने कहा कि समाज के कमजोर वर्ग तक शिक्षा पहुंचाना और यात्रियों को सुरक्षित यात्रा का अनुभव देना उनकी प्राथमिकता है। सांस्कृतिक प्रस्तुति और सम्मान समारोह हुआ कार्यक्रम के दौरान भामल संस्था की टीम ने नाटक के माध्यम से योजनाओं की जानकारी दी। छात्रा निष्ठा द्वारा बनाई गई पेंटिंग की भी सराहना की गई। बेहतर कार्य करने वाले लोगों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन सब इंस्पेक्टर पूनम शर्मा ने किया, जबकि जीआरपी थाना प्रभारी ममता अलावा ने आभार व्यक्त किया।


