सुभाषनगर से एम्स तक भोपाल मेट्रो के प्रायोरिटी कॉरिडोर का बड़ा हिस्सा पूरा करने के बाद अब मेट्रो कॉर्पोरेशन पुल बोगदा से करोंद रूट पर फोकस कर रहा है। 8.77 किमी के इस रूट पर कुल 6 एलिवेटेड और 2 अंडरग्राउंड स्टेशन बनने हैं। फिलहाल करोंद चौराहे से इस रूट के लिए पिलर लगाने का काम शुरू हो चुका है। यहां पिलर फाउंडेशन का काम चल रहा है। जानकारी के अनुसार, 150 के लगभग पिलर लगने हैं, जिन पर मेट्रो का एलिवेटेड नेटवर्क बनेगा। पिलर के लिए पहले खुदाई होती है तो फिर फाउंडेशन का काम होता है। उसके बाद कैप लगाकर पिलर के ढांचे को अतिरिक्त मजबूत करते हैं। ईरानी डेरा है बड़ी रुकावट इस रूट पर बड़ी बाधाएं हटना बाकी हैं। हालांकि जिन हिस्सों में रूट क्लीयर है, वहां काम शुरू किया जा रहा है। आजाद नगर के सभी अतिक्रमण हटाने के बाद अभी ईरानी डेरा से अतिक्रमण हटने हैं। यहां मेट्रो स्टेशन बनना है। इस महीने की शुरुआत में ईरानी डेरा की 100 बाधाएं 15 दिन में हटाने का लक्ष्य रखा था। इस रूट पर आरा मशीन समेत करीब 200 बाधाएं हैं। ईरानी डेरा के अतिक्रमण हटाने के बाद पुट्ठा मिल, ग्लू फैक्टरी और आरा मशीन हटाने का काम शुरू होगा। आरा मशीनों के लिए जगह चिह्नित हो चुकी है। पर शिफ्टिंग लंबे समय से अटकी है। बड़े बाग के कब्रिस्तान का कुछ हिस्से का मामला भी अटका है। अंडरग्राउंड सेक्शन के लिए टेस्टिंग जारी… नादरा स्टैंड और भोपाल जंक्शन पर बनने वाले मेट्रो स्टेशन के लिए सॉइल टेस्टिंग, जमीन के नीचे सीवेज, बिजली सप्लाई आदि देखने के लिए यूटिलिटी टेस्टिंग आदि जारी है।


