मेडिकल एजेंसी कर्मचारी ने दवाएं चुराईं, रंगे हाथ पकड़ाया:बैतूल में मोजों में छिपाकर ले जाता था, मोबाइल में डॉक्टर्स से चैट मिली

बैतूल शहर के गंज क्षेत्र स्थित सोबेग सिंह साहनी एंड संस मेडिकल होलसेल एजेंसी में कार्यरत कर्मचारी निखिल वाईकर को दवाओं की चोरी करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। एजेंसी के संचालक कवलजोत सिंह साहनी ने सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। यह घटना 6 दिसंबर की रात करीब 9 बजे दुकान बंद होने के बाद हुई। जब कर्मचारी अपने-अपने घर जा रहे थे, तब दुकान के बाहर तैनात गार्ड दीपक मालवी और नरेश मेहरा ने निखिल वाईकर की जांच की। जांच के दौरान उसकी जुराबों (मोजों) में हेम्फर कैप्सूल, सुमोकोल टेबलेट, ममेट और पायोज टेबलेट के पैकेट मिले। इसके अलावा, उसकी स्कूटी (क्रमांक सीजी 12 एल 8797) की डिग्गी से दो जोमेट नेल स्प्रे भी बरामद हुए। स्टॉक में कमी मिलने पर की गई थी जांच एजेंसी संचालक कवलजोत सिंह के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से दुकान के सिस्टम रिकॉर्ड में दवाइयों की गड़बड़ी सामने आ रही थी, जिसके चलते निखिल पर पहले से ही शक था। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि निखिल दुकान से दवाइयां चोरी कर बाहर बेचता था। संचालक ने बताया कि निखिल के मोबाइल से चोरी का पूरा रिकॉर्ड, डॉक्टरों के साथ दो वॉयस रिकॉर्डिंग, कई चैट्स और लेन-देन के सबूत, और ग्राहकों के नामों की सूची बरामद हुई है। इस पूरे केस में निखिल की पत्नी भी सहयोगी बताई जा रही है, जो पैसों का लेन-देन संभालती थी। मामले की सभी जानकारी और सबूत पुलिस को सौंपे जा चुके हैं और एफआईआर दर्ज की गई है। एजेंसी संचालक के मुताबिक, घटना के बाद कुछ लोगों ने समझौते का दबाव बनाया, लेकिन उन्होंने किसी भी समझौते से इनकार कर दिया। कवलजोत सिंह ने कहा कि उनका उद्देश्य दोषियों को उजागर करना और दवा व्यवसाय की विश्वसनीयता बनाए रखना है।

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