राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (रिम्स) में मरीजों को अत्यधिक दबाव को कम करने के लिए रांची में एक और मेडिकल कॉलेज को मंजूरी मिल चुकी है। निर्माण के लिए सरकार ने 1074 करोड़ की स्वीकृति भी दी है। मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कांके के सुकुरहुटू की जमीन का निरीक्षण किया, जहां नए मेडिकल कॉलेज रिम्स-2 का निर्माण होना है। निरीक्षण के दौरान डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि यह अस्पताल 700 बेडेड होगा। इसमें 250 बेड का सुपर स्पेशियलिटी का अलग विंग होगा। स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को 15 दिन में निर्माण के लिए डीपीआर और मास्टर प्लान बनाने को कहा। भास्कर से बातचीत में मंत्री ने कहा कि 2 साल में निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। चिकित्सकों की कमी भी दूर होगी मेडिकल कॉलेज बनने से राज्य में चिकित्सकों की कमी दूर होगी। चिकित्सकों के सैकड़ों नए पद सृजित होंगे। नए मेडिकल कॉलेज में वे सभी सुविधाएं देने का लक्ष्य है, जो अबतक रिम्स में भी उपलब्ध नहीं है। सुपर स्पेशियलिटी विभागों में नेफ्रोलॉजी, कार्डियोलॉजी, नियोनेटोलॉजी के अलावा, हेमेटोलॉजी, एंडोक्राइनोलॉजी, न्यूक्लियर मेडिसिन समेत अन्य विभाग भी संचालित करने की योजना है। एक सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य में चिकित्सकों की कमी है इसे दूर करने की कोशिश की जा रही है। वर्तमान समय में करीब 5000 चिकित्सक हैं, जबकि आबादी चार करोड़ है। सभी को बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराना चुनौती है। मेडिकल कॉलेज तैयार होने से मेडिकल की सीटें बढ़ेंगी… डॉ. इरफान अंसारी ने बताया कि नए मेडिकल कॉलेज के बनने से राज्य में मेडिकल की सीटें भी बढ़ेंगी। वर्तमान में राज्य में केवल 6 ही सरकारी मेडिकल कॉलेज हैं। सीटों को बढ़ाना लक्ष्य है, ताकि झारखंड के बच्चे अपने राज्य में ही डॉक्टर बन सकें और यहीं सेवा भी दे सकें। योजना है कि नए मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 100 और कम से कम 50 पीजी सीटें भी शुरू कराई जाएं।


