पर्यावरणविद और सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटेकर और कविता श्रीवास्तव ने कोटपूतली-बहरोड़ जिला कलेक्टर प्रियंका गोस्वामी से मुलाकात की। इस दौरान अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के आदेशों के पालन को लेकर कंपनी प्रबंधन, ग्रामीणों और खनन विभाग के अधिकारियों के बीच जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय कोटपूतली में वार्ता हुई। ग्रामीणों द्वारा खनन क्षेत्र में ब्लास्टिंग और मुआवजे सहित विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। NGT आदेशों की प्रगति की समीक्षा के लिए मेधा पाटेकर ने कोटपूतली का दौरा किया। उन्होंने आंदोलनरत ग्रामीणों और प्रभावित परिवारों से संवाद किया, साथ ही धरना स्थल और खनन क्षेत्र का निरीक्षण भी किया। जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई बैठक में उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्र में स्वास्थ्य परीक्षण में पाए गए लोगों को दिया गया मुआवजा और क्षतिग्रस्त आवासीय मकानों के लिए दिया गया मुआवजा अपर्याप्त है। उन्होंने समुचित मुआवजा, पुनर्वास और NGT के आदेशों के पूर्ण पालन की मांग की। जिला कलेक्टर प्रियंका गोस्वामी ने बताया कि पीड़ित परिवारों को सर्वे रिपोर्ट के आधार पर मुआवजा दिया जाएगा। कंपनी प्रबंधन द्वारा यह राशि जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में जमा करवाई जाएगी, जिसे नियमानुसार प्रभावित परिवारों के बैंक खातों में हस्तांतरित किया जाएगा। बैठक में जिला कलेक्टर प्रियंका गोस्वामी, पुलिस अधीक्षक देवेंद्र बिश्नोई, अतिरिक्त जिला कलेक्टर ओम प्रकाश सहारण, सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटेकर, कविता श्रीवास्तव, खनन समिति के सदस्य, ग्रामीण और कंपनी प्रबंधन के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। मेधा पाटेकर ने यह भी बताया कि NGT के आदेशों में प्रदूषण कम करने के लिए उपकरण लगाने की बात कही गई थी, जो अभी तक स्थापित नहीं किए गए हैं। उन्होंने खुदाई के बाद पत्थर ले जाने वाले वाहनों को ढक कर ले जाने और पत्थर खुदाई के दौरान उड़ने वाली धूल मिट्टी को रोकने के निर्देशों का भी जिक्र किया, जिनकी पालना नहीं हो रही है।


