जयपुर नगर निगम हेरिटेज में सियासी घमासान शुरू हो गया है। कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुए पार्षदों ने मेयर कुसुम यादव पर विश्वासघात के आरोप लगाए हैं।
वहीं डिप्टी मेयर असलम फारुखी ने निगम के बदले हालात के लिए प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि जब आम जनता और पार्षदों के काम ही नहीं हो रहे है, तो नगर निगम को भंग ही कर देना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुए पार्षदों पर तंज कसते हुए कहा कि वह तो ना इधर के रहे हैं, ना उधर के रहे हैं। पार्षदों की नहीं हो रही सुनवाई- डिप्टी मेयर
नगर निगम के डिप्टी मेयर असलम फारुखी ने कहा कि जयपुर में भारतीय जनता पार्टी ने जब से कार्यवाहक मेयर बनाया है। उसके बाद नगर निगम के हालात पूरी तरह से बिगड़ चुके हैं। मेयर पार्षदों तक की सुनवाई नहीं कर रही है। विकास कार्यों की फाइलें तक नहीं निकाल रही है। हालत इतने बिगड़ गए है कि कार्यवाहक मेयर कुसुम यादव पार्षदों से मिलती तक नहीं है। वह तो बस यहां आती है, और चली जाती है। न जाने भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें कार्यवाहक मेयर ही क्यों बनाया है। सरकार ने किया विश्वासघात
फारुखी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने आम जनता के बहुमत के साथ विश्वासघात किया है। जब राजस्थान में कांग्रेस की सरकार थी। तब हमने नगर निगम ग्रेटर में बीजेपी की ही कार्यवाहक मेयर बनाई थी। लेकिन नगर निगम हेरिटेज में कांग्रेस के पास बहुमत होने के बावजूद बीजेपी सरकार ने बीजेपी समर्थक पार्षद को कार्यवाहक मेयर बना दिया है। जो पूरी तरह गलत है। वैसे भी वह काम तो कर नहीं रही है इससे निगम के हालात ही बद से बदतर हो रहे हैं। जल्द ही मैं आम जनता के साथ मेयर के खिलाफ नगर निगम मुख्यालय का घेराव करूंगा। कांग्रेस से बीजेपी में गए पार्षद कही के नहीं रहे- फारुखी
डिप्टी मेयर असलम फारुखी ने कहा कि कांग्रेस से भी काफी पार्षद बीजेपी में न जाने क्या सोच कर चले गए। उन्हें क्या मिला इस बात का जवाब, तो बेहतर ढंग से वही दे सकते हैं। लेकिन आज उनकी स्थिति जग जाहिर है। वह एक कहावत है, जिसे मैं शब्दों में तो बयां नहीं कर सकता हूं। लेकिन वह उन पर फिट साबित हो रही है। वैसे भी अब वह पार्षद ना इधर के रहे हैं, ना उधर के रहे हैं। बीजेपी को समर्थन देने वाले पार्षद हुए नाराज
बीजेपी को समर्थन देने वाले कांग्रेसी पार्षद अरविंद मेठी ने कहा कि हम भारतीय जनता पार्टी में एक विश्वास पर आए थे। लेकिन हमारे साथ विश्वास घात किया गया है। हम चाहते थे की संचालन समितियां का गठन हो ताकि आम जनता के ज्यादा से ज्यादा काम हो सके। लेकिन ऐसा नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है। नगर निगम हेरिटेज के हालत पूरी तरह से खराब हो चुके है। सिर्फ अधिकारी ही नगर निगम पर कब्जा जमा कर बैठ चुके हैं। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि अब तो नगर निगम हेरिटेज में आम जनता से जुड़े काम का फैसला होना बंद हो गया है। मेठी ने कहा- हमें मेयर बनाने का नहीं मिला प्रतिफल
मेठी ने कहा कि मेयर को लेकर भी जो स्थिति पहले थी। वहीं हालत अब नगर निगम में फिर से बन चुके है। हमने हमारी पार्टी से बगावत करके भारतीय जनता पार्टी का समर्थन कार्यवाहक मेयर बनवाया था। लेकिन उसका हमें कोई प्रतिफल तक नहीं मिला है। हालात इतने खराब है कि मेयर अगर मेरे वार्ड में दौरा करनी भी आती है। तो मुझे इस बात की जानकारी तक नहीं दी जाती है। वहीं डिप्टी मेयर के बयान पर पलटवार करते हुए मेठी ने कहा कि जिन लोगों के घर शीशे के होते हैं, वह दूसरों के घर पर पत्थर नहीं फेंका करते हैं। वैसे भी डिप्टी मेयर खुद ही नगर निगम आते तक नहीं है। उन्हें हमारे या किसी भी पार्षद के बारे में बोलने का कोई अधिकार नहीं है। मुद्गल बोले- सरकार जल्द करे समितियों का गठन
बीजेपी को समर्थन देने वाले कांग्रेसी पार्षद मनोज मुद्गल ने कहा कि जयपुर नगर निगम में जल्द संचालन समितियां का गठन होना चाहिए। क्योंकि समितियां का गठन नहीं हो पाने की वजह से आम जनता को परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि फिलहाल समितियां के गठन को लेकर सरकार से हमारी बातचीत जारी है। हमें उम्मीद है कि सरकार जल्द ही इस मुद्दे पर सार्थक फैसला लेगी।


