खगड़िया गांधीनगर के मूल निवासी और असम में हिंदी साहित्य को बढ़ावा देने वाले ई. विनय कुमार ‘बुद्ध’ द्वारा संपादित काव्य संकलन “मेरी शान है बिटिया” का लोकार्पण सोमवार को जयपुर के रानी बाग रिसॉर्ट में किया गया। यह राष्ट्रीय साझा काव्य संकलन बेटियों के विषय पर केंद्रित है। इस लोकार्पण कार्यक्रम में देशभर से बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी, कवि और समाजसेवी शामिल हुए। संकलन के संपादक विनय कुमार ‘बुद्ध’ (साहित्य सुधा मंच, असम) ने बताया कि इस काव्य संग्रह में देश भर के 100 से अधिक कवियों की रचनाएं शामिल हैं। यह संग्रह बेटियों के सम्मान, उनके संघर्षों, सपनों और सामाजिक संदेशों पर आधारित है। इसका मुख्य उद्देश्य समाज में बेटियों के प्रति सम्मान और सुरक्षा के लिए जागरूकता बढ़ाना है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रसिद्ध साहित्यकार ‘राव’ शिवराज पाल सिंह (जयपुर) ने संकलन की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने और बेटियों के महत्व को उजागर करने की एक महत्वपूर्ण पहल है। अतिथियों ने भविष्य में ऐसी साहित्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। इस अवसर पर सत्यपाल साहू, सुधीर गुप्ता, ओमप्रकाश दोशाया और राम स्वरूप सिंह शेखावत सहित कई साहित्यप्रेमी और समाजसेवी विशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे। कार्यक्रम में ‘राव’ शिवराज, विनय कुमार ‘बुद्ध’ और सुप्रिया शालिनी ने अपने काव्य पाठ से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।


