राजस्थान की राजनीति में इन दिनों एक नया विवाद सुर्खियों में है। बाड़मेर जिले में कांग्रेस के पूर्व विधायक मेवाराम जैन की पार्टी में संभावित वापसी को लेकर राजनीतिक बवाल मच गया है। शनिवार सुबह शहर के विभिन्न इलाकों में जैन के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्टर लगाए गए। इन पोस्टरों ने न केवल स्थानीय राजनीति में खलबली मचा दी बल्कि कांग्रेस संगठन को भी सफाई देने के लिए मजबूर कर दिया। जैसलमेर कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने प्रेस से बातचीत में स्पष्ट किया कि इन पोस्टरों से पार्टी का कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा- “हमने ये पोस्टर नहीं लगाए हैं। जिसने भी लगाए हैं, उसके खिलाफ कलेक्टर और एसपी को लिखकर कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस में किसी को लेना या बाहर करना पार्टी का सामूहिक निर्णय है, व्यक्तिगत स्तर पर कोई फैसला नहीं किया जा सकता।” कांग्रेस पार्टी द्वारा पोस्टर पर सफाई कांग्रेस कमेटी बाड़मेर-बालोतरा और जैसलमेर के नाम से पोस्टर लगाए जाने के बाद कांग्रेस ने तीनों जिलों के जिलाध्यक्ष गफूर अहमद, कार्यकारी अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी बाड़मेर, गोपाराम मेघवाल, कार्यकारी अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी बालोतरा व उम्मेद सिंह तंवर, जिलाध्यक्ष जैसलमेर के नाम से एक लेटर जारी कर अपनी सफाई दी है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष जैसलमेर के उम्मेद सिंह तंवर ने बताया- ‘हाल ही में कांग्रेस पार्टी से संबंधित घटनाक्रम के पश्चात बाड़मेर, जैसलमेर एवं बालोतरा क्षेत्र में कुछ अज्ञात व्यक्तियों द्वारा आपत्तिजनक पोस्टर लगाए जाने की जानकारी प्राप्त हुई है । जिला कांग्रेस कमेटी बाड़मेर – बालोतरा – जैसलमेर यह स्पष्ट करना चाहती है कि इन पोस्टरों से जिला कांग्रेस कमेटी का कोई संबंध नहीं है । इस प्रकार की गतिविधियां कांग्रेस संगठन की परंपरा का हिस्सा नहीं हैं। कांग्रेस पार्टी सदैव सकारात्मक राजनीति और लोकतांत्रिक मूल्यों में आस्था रखती है। जिला कांग्रेस के नाम का दुरुपयोग कर संगठन को बदनाम करने का प्रयास करने वाले अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाएगी। मीडिया एवं आमजन से निवेदन है कि इस प्रकरण को जिला कांग्रेस कमेटी बाड़मेर, जैसलमेर, बालोतरा से जोड़कर न देखा जाए । यह कृत्य पूर्णतः बाहरी एवं अज्ञात तत्वों की करतूत है, जिसका उद्देश्य केवल कांग्रेस पार्टी और संगठन को बदनाम करना है। जिला कांग्रेस संगठन जनता के मुद्दों, विकास कार्यों और लोकतांत्रिक संघर्ष के लिए पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करता रहेगा। शहर में चर्चा का विषय बाड़मेर शहर के कई हिस्सों-मुख्य बाजार, बस स्टैंड और प्रमुख चौराहों पर अचानक ये पोस्टर दिखाई दिए। इन पर मेवाराम जैन के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां लिखी थीं। स्थानीय लोगों में इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। समर्थक और विरोधी गुटों के बीच माहौल गरम है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शनिवार को एक और मेवाराम जैन की वापसी पर उनका जोरदार स्वागत किया वहीं पोस्टर विवाद से उनके समर्थकों ने पुलिस में मामला दर्ज करवा कार्रवाई करने की बात कही है। राजनीतिक मायने राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह विवाद केवल पोस्टरबाजी भर नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरी गुटबाजी है। कांग्रेस के अंदर कई नेता चाहते हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए जैन जैसे पुराने नेताओं को फिर से जोड़ा जाए ताकि संगठन मजबूत हो। लेकिन दूसरा गुट मानता है कि इससे पार्टी में असंतोष बढ़ेगा। विश्लेषक मानते हैं कि बाड़मेर-जैसलमेर क्षेत्र की राजनीति में मेवाराम जैन का अपना असर है। उनकी वापसी से समीकरण बदल सकते हैं। यही कारण है कि विरोधी गुट पोस्टर के जरिए नाराज़गी जाहिर कर रहा है। प्रशासन की भूमिका पोस्टरों के सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया। नगर परिषद ने तुरंत कई जगहों से पोस्टर हटवाए। पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि शहर में लगे पोस्टरों की सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है ताकि पता लगाया जा सके कि इन्हें किसने लगाया। कलेक्टर और एसपी को कांग्रेस जिलाध्यक्ष की ओर से लिखित शिकायत दी गई है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों की पहचान होते ही कार्रवाई होगी।


