भिंड के मेहगांव स्थित शासकीय महाविद्यालय परीक्षा केंद्र में बुधवार को बीएससी–बीएड पंचम सेमेस्टर की परीक्षा के दौरान नकल का बड़ा मामला सामने आया। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस एमजेएस भिंड के प्राचार्य डॉ. आर. ए. शर्मा ने औचक निरीक्षण किया तो परीक्षा कक्ष में अव्यवस्था, बाहरी लोगों की मौजूदगी और खुलेआम नकल सामग्री का उपयोग दिखाई दिया। यहां 44 परीक्षार्थियों में से 29 छात्रों के खिलाफ नकल प्रकरण बनाए गए। बुधवार की दोपहर परीक्षा केंद्र पर उड़नदस्ता टीम के प्रवेश करते ही परीक्षा कक्ष में अफरा-तफरी मच गई और छात्र नकल सामग्री, पर्ची व मोबाइल छिपाने लगे। प्राचार्य डॉ. शर्मा की रिपोर्ट के अनुसार परीक्षा केंद्र में परीक्षा नियमों की अनदेखी की गई थी। परीक्षा कक्ष में गाइड, पर्चियों और मोबाइल फोन से प्रश्न हल करते छात्र मिले। कई बाहरी लोग कक्ष के भीतर मौजूद थे, जो परीक्षा प्रक्रिया पर सीधा सवाल खड़ा करते हैं। उड़नदस्ता टीम को देखते ही कई छात्रों ने नकल सामग्री फेंक दी और कुछ ने टीम के साथ अभद्रता भी की, जो परीक्षा संचालन नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। निरीक्षण में सामने आया कि परीक्षा केंद्र पर सामूहिक नकल खुले रूप से कराई जा रही थी। रिपोर्ट में केंद्राध्यक्ष, सहायक केंद्राध्यक्ष, स्थाई वीक्षक, कक्ष वीक्षक और अन्य स्टाफ के नकल गतिविधि में संलिप्त होने का उल्लेख है। जब टीम ने सीसीटीवी फुटेज मांगी तो बताया गया कि कैमरे बंद हैं जो परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल है। उड़नदस्ता टीम ने मौके पर ही 29 नकल प्रकरण तैयार किए और विस्तृत रिपोर्ट जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलसचिव (परीक्षा) को भेज दी। रिपोर्ट में परीक्षा केंद्र को निरस्त कर आगामी परीक्षाएं किसी अन्य शासकीय महाविद्यालय में कराने की अनुशंसा की गई है, ताकि नकलविहीन और सुरक्षित परीक्षा सुनिश्चित की जा सके। यह घटना सामने आने के बाद जिले में परीक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन अब इस पूरे प्रकरण पर कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। परीक्षा केंद्र के सीसीटीवी कैमरे मिले बंद
औचक निरीक्षण में खुलासा हुआ कि परीक्षा केंद्र के सीसीटीवी कैमरे पूरी तरह बंद थे। फुटेज मांगे जाने पर स्टाफ संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। इससे यह स्पष्ट हुआ कि नकल रोकने की मूलभूत व्यवस्था भी सक्रिय नहीं थी। परीक्षा केंद्र निरस्त करने की मांग
पूरी घटना की जानकारी उच्च शिक्षा विभाग आयुक्त, भिंड कलेक्टर, अतिरिक्त संचालक (उच्च शिक्षा), परीक्षा नियंत्रक और जीवाजी विश्वविद्यालय के अधिकारियों को भेज दी गई है। रिपोर्ट में सामूहिक नकल को देखते हुए केंद्र निरस्त करने और आगामी परीक्षा दूसरे परीक्षा केंद्र में आयोजित करने की मांग की गई है।


