“मैंने देश की सबसे कठिन सीट से चुनाव लड़ा”:स्मृति ईरानी बोलीं- क्योंकि पार्टी को लगा मैं कांग्रेस अध्यक्ष को सीधे चुनौती दे सकती हूं

सीतापुरा स्थित जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर में चल रहे राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट 2026 के दूसरे दिन सोमवार को मुख्य हॉल में फायर साइड चैट की शुरुआत पूर्व कैबिनेट मंत्री स्मृति ईरानी के सेशन से हुई। ‘लीडरशिप बियॉन्ड लेबल्स: वीमन, पावर एंड पब्लिक सर्विस’ विषय पर हुए इस सत्र में बड़ी संख्या में स्टार्टअप फाउंडर्स, पॉलिसी मेकर्स और युवा प्रोफेशनल्स मौजूद रहे। सेशन के दौरान स्मृति ईरानी ने अपने पहले चुनाव, राजनीतिक करियर और एआई जैसे नए विषयों पर भी खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि 27 साल की उम्र में उन्होंने दिल्ली की चांदनी चौक सीट से पहला लोकसभा चुनाव लड़ा था और उस चुनाव में हार मिली, लेकिन उसी अनुभव ने उनके आगे के फैसलों की दिशा तय की। उन्होंने यह भी कहा कि पॉलिटिक्स में आने का फैसला उन्होंने अपने करियर के पीक पर लिया और आसान रास्ते की जगह चुनौती भरे रास्ते को चुना। इसके साथ ही स्मृति ईरानी ने एआई को लेकर चेताया कि टेक्नोलॉजी तभी फायदेमंद होगी, जब उसका इस्तेमाल जिम्मेदारी और बराबरी के नजरिए से किया जाए, वरना एआई पुराने भेदभाव को और मजबूत कर सकती है। हर दिन खुद को नई चुनौती देना मेरी आदत है
स्मृति ईरानी ने कहा कि सक्सेस इंसान को एक कंफर्ट ज़ोन दे देती है, लेकिन असली सीख चुनौती और रिस्क से आती है। उन्होंने कहा – मैं हर दिन यह सोचकर उठती हूं कि आज कौन-सी नई सीमा को आगे बढ़ाया जा सकता है। मेरी जिंदगी में कोई भी फैसला यूं ही नहीं हुआ, हर फैसला सोच-समझकर लिया गया, फिर चाहे उसमें हार की संभावना हो या जीत की। पीक करियर छोड़कर राजनीति में आई
उन्होंने बताया कि जब वह टेलीविजन और मीडिया में अपने करियर के शिखर पर थीं, तभी उन्होंने राजनीति में आने का फैसला लिया। स्मृति ईरानी ने कहा – अक्सर लोग तब राजनीति में आते हैं जब उनका फिल्म या टीवी करियर खत्म होने लगता है, लेकिन मैंने एक सफल करियर छोड़कर राजनीति को चुना। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें किसी आसान सीट से नहीं, बल्कि देश की सबसे कठिन राजनीतिक सीटों में से एक से चुनाव लड़ने भेजा गया। मुझे वहां इसलिए नहीं भेजा गया क्योंकि मैं महिला थी, बल्कि इसलिए भेजा गया क्योंकि पार्टी को लगा कि मैं कांग्रेस अध्यक्ष को सीधी चुनौती दे सकती हूं। चांदनी चौक से हार भी मेरी सीख का हिस्सा रही
स्मृति ईरानी ने अपने पहले चुनाव का जिक्र करते हुए कहा – मैंने 27 साल की उम्र में 2004 में दिल्ली की चांदनी चौक सीट से लोकसभा चुनाव लड़ा और वह चुनाव हार गई। अगर मैं वह चुनाव जीत जाती, तो शायद मेरी आगे की जर्नी बिल्कुल अलग होती।
उन्होंने कहा कि अगर उस समय जीत मिल जाती, तो शायद वह टेक्सटाइल, शिक्षा या अल्पसंख्यक मंत्रालय तक नहीं पहुंच पातीं। इसलिए मैं मानती हूं कि हार भी आपको सही दिशा में ले जा सकती है। टेक्सटाइल मंत्रालय में असंभव को संभव किया
अपने मंत्री कार्यकाल को याद करते हुए स्मृति ईरानी ने कहा – एक समय था जब भारत में एक भी पीपीई सूट नहीं बनता था, सब कुछ बाहर से आता था। टेक्निकल टेक्सटाइल जैसी चीज का कोई सिस्टम ही नहीं था।
उन्होंने बताया कि उनके कार्यकाल में पीपीई सूट का देश में निर्माण शुरू हुआ और टेक्निकल टेक्सटाइल को नई पहचान मिली। नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के शुरुआती डॉक्यूमेंट पर काम करना भी मेरी जर्नी का हिस्सा रहा। सक्सेस के बाद बैठ जाना मेरी फितरत नहीं
स्मृति ईरानी ने मीडिया में वापसी को लेकर कहा कि यह किसी नॉस्टेल्जिया की वजह से नहीं था। आज मेरा शो देश के सबसे ज्यादा देखे जाने वाले शोज में है, लेकिन मेरे लिए नंबर वन होना सिर्फ आंकड़ा नहीं, बल्कि हर दिन खुद को बेहतर बनाना है। हार, डर और जेंडर सब माइंडसेट का खेल है
महिलाओं और स्टार्टअप्स को लेकर स्मृति ईरानी ने कहा- पैसा यह नहीं देखता कि आप पुरुष हैं या महिला। हार हर दिन होती है, सवाल यह है कि आप उससे कैसे डील करते हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाएं यह जानती हैं कि उन्हें क्या चाहिए और वे अपनी बात रखने में भी सक्षम हैं। इक्विटी को सिर्फ अधिकार की भाषा में नहीं, बल्कि इकनॉमिक नजरिए से देखना होगा। उन्होंने कहा कि करीब 75 फीसदी महिला उद्यमियों को बैंक से लोन नहीं मिलता, क्योंकि उनके पास क्रेडिट हिस्ट्री या जरूरी कागजात नहीं होते। इसी वजह से हमने सीए नेटवर्क और संस्थानों के साथ पार्टनरशिप की है, ताकि इस गैप को भरा जा सके। एआई से समाज में समानता लाने की बात, लेकिन सही डेटा प्रशिक्षण करना जरूरी स्मृति ईरानी ने कहा कि यह मान लेना बड़ी गलती है कि एआई आने से जिंदगी अपने आप ज्यादा बराबरी वाली हो जाएगी। उन्होंने बताया कि एआई ट्रेनिंग डेटा पर काम करता है और ज्यादातर डेटा पुराने सिस्टम और पुराने फैसलों पर आधारित होता है। अगर वही डेटा पक्षपाती है, तो एआई भी वही सोच आगे बढ़ाएगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि साल 2018 में अमेजन को अपना एक एआई टूल बंद करना पड़ा था, क्योंकि वह पुरुषों के रिज्यूम को ज्यादा तरजीह दे रहा था।
उन्होंने कहा कि एआई से जुड़ी किसी भी सर्विस में इक्विटी की बात तभी होगी, जब यह समझा जाए कि डेटा सेट कैसे तैयार किए गए हैं। स्मृति ईरानी ने कहा कि जिम्मेदार तरीके से एआई का इस्तेमाल करना आज की जरूरत है और इसमें एकतरफा या स्क्यूड डेटा पर खुलकर बात होनी चाहिए, ताकि टेक्नोलॉजी किसी एक वर्ग के पक्ष में न झुके।
ऑटोमोबाइल सेक्टर का जिक्र करते हुए स्मृति ईरानी ने बताया कि एक स्टडी के मुताबिक कार एक्सीडेंट में महिलाओं को 44 फीसदी ज्यादा शारीरिक नुकसान होने की संभावना रहती है। स्मृति ईरानी ने कहा कि एआई को हेल्थ और सेफ्टी जैसे मामलों में अपनाते समय ज्यादा सतर्कता और संतुलित नजरिए की जरूरत है। — डिजिफेस्ट से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें जयपुर में राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट:आगामी 10 साल की डिजिटल ग्रोथ का रोडमैप पेश, जेईसीसी में 6 जनवरी तक होगा आयोजन जयपुर में रविवार से राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट 2026 की शुरुआत हुई। तीन दिन तक चलने वाला यह आयोजन 4 से 6 जनवरी तक जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (जेईसीसी), सीतापुरा में होगा। टाई राजस्थान के सहयोग से आयोजित इस समिट में देश-विदेश से हजारों विजनरी, निवेशक और स्टार्टअप फाउंडर शामिल होंगे। (पूरी खबर पढ़ें) जयपुर में सीवर लाइन के बाद सड़कें नहीं हुई ठीक:लोगों को पीने का पानी भी नसीब नहीं; शिकायत के बाद भी समाधान नही राजधानी जयपुर में बुनियादी सुविधाओं को लेकर लोगों की परेशानियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। दैनिक भास्कर के सिविक इश्यू सेगमेंट पर हर दिन शहर के अलग-अलग इलाकों से शिकायतें सामने आ रही हैं। कहीं पीने के लिए साफ पानी नहीं है, तो कहीं सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। (पूरी खबर पढ़ें)

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