भास्कर न्यूज | जालंधर गोराया में बीते साल 3 सिंतबर की रात 50 साल के शिवानी महंत की हत्या की साजिशकर्ता चेली नीतिका महंत उर्फ वरिंदर वासी मत्तेवाड़ा चौडा मंड (लुधियाना) को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पूछताछ में नीतिका ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए कहा कि मैं गुरु शिवानी महंत के साथ काफी समय से काम कर रही थी। बधाई मांगने के लिए नाच-गाना मैं ही करती थी। पैसे गुरु रख लेता था। मेरे मन में गुरु को लेकर बहुत गुस्सा था। फिर सोचा कि गुरु मर जाए तो वह गुरु बन जाएगी। भाई पप्पी जेल में 7 साल से बंद था। वह 7 दिन पहले ही सजा पूरी कर लौटा था। मैंने उससे बात की तो उसने कहा, टेंशन मत लो। तुम्हें ही गुरु बना देते हैं। पूछा कैसे तो बोला-शिवानी को मार देते हैं। यह डर सता रहा था कि चाकू मारे तो सबको पता चल जाएगा। भाई ने कहा, गला घोंट देंगे। तुम ड्रामा कर देना कि गुरु बाथरूम में गिरकर मर गई। महंत की फैमिली शोर नहीं मचाएगी, क्योंकि वह तो यही सोचेगी कि इस जिंदगी से मुक्ति मिल गई। साजिश को अंजाम देने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई। भाई ने उसे बताया था कि क्रिमिनल दोस्त हरदीप सिंह दीपा वासी गांव लहल (लुधियाना) से बात कर लेगा। नीतिका ने बताया कि तीन सितंबर की रात भाई अपने दो साथियों के साथ आ गया। मैंने पहले ही सीसीटीवी कैमरे की तार काट दी थी। गुरु का सोते वक्त चुन्नी से गला घोंट दिया। इसके बाद भाई और उसके दोनों दोस्त बाइक पर निकल गए। जम्मू में रहते शिवानी के भाई गारू राम को फोन करके सुबह बताया कि गुरु बाथरूम में गिरकर मर गए हैं। लाश बिलगा के एक अस्पताल में रखवाई है। गुरु की गर्दन पर जख्म नजर आने लगे थे तो वह डर गई। इसलिए गुरु का शव छोड़ कर भाग गई। 55 साल के फोटोग्राफर गारू राम वासी गांव लसवाड़ा (जम्मू) ने कहा था कि शिवानी अलग-अलग महंतों के डेरे में रहता था। करीब 12 साल से वह गोराया में महंत भागवती संग रह रहा था। नीतिका 6 साल से शिवानी का चेला बनकर रह रही थी। शिवानी का शव देखने के लिए बिलगा के अस्पताल में गए तो गर्दन पर जख्म के निशान थे। थाना गोराया में चेली नीतिका के खिलाफ बीएनएस की धारा 103 (1) कत्ल का केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने केस में सब से पहले हरदीप को पकड़ा था। हरदीप ने कहा था कि उसे गोराया में उस वक्त पता चला था, जब कत्ल से पहले अहाते में हम लोगों ने शराब पी। तब पप्पी ने कहा था कि महंत को मारना है। पप्पी की तलाश की जा रही है।


