मैकेनिकल इंजीनियर ने 3 करोड़ का कारोबार छोड़ा,कल लेंगे दीक्षा:पत्नी 4 साल पहले बन चुकीं साध्वी, अब पति त्यागेंगे घर; देश के 3 बिजनेस अब बनेंगे संत

देश के 2 बिजनेसमैन और एक कमीशन एजेंट अपना करोड़ों का कारोबार छोड़कर दीक्षा लेने वाले है। इनमें से एक बिजनेसमैन की पत्नी ने 4 साल दीक्षा ली थी। आज वे खुद अपने तीनों बेटों और घर को छोड़कर धर्म के पथ पर आगे बढ़ने वाले हैं। तीनों जैन श्रावक 5 अक्टूबर को उदयपुर में चल रहे आचार्य पुण्य सागर महाराज के चातुर्मास में दीक्षा लेने वाले हैं। उदयपुर में विद्या निकेतन स्कूल (सेक्टर 4 ) में होने वाले दीक्षा समारोह की तैयारियां चल रही है। दीक्षा लेने वाले तीनों जैन श्रावकों में फरीदाबाद (हरियाणा) के आदर्श कुमार जैन, मुंबई में रहने वाले अरविंद कोटड़िया और उदयपुर मूल के मुंबई में रहने वाले देवीलाल भोरावत हैं। आज शाम 6 बजे दीक्षार्थियों की शोभायात्रा और गोद भराई का कार्यक्रम होगा। इससे पहले शुक्रवार को हल्दी और मेहंदी की रस्म की गई थी। तीनों दीक्षार्थियों के जीवन के बारे में पढ़िए- 1. करोड़ों का स्पेयर पार्टस बनाने का काम छोड़ा
फरीदाबाद (दिल्ली) के रहने वाले बिजनेसमैन आदर्श कुमार जैन (68) ने बताया- उनका पेपर मिल के स्पेयर पार्टस बनाने का काम है। कमाई अच्छी हो रही थी लेकिन मन काम में कम और धर्म की तरफ ज्यादा लगता था। मन में बार-बार विचार आते थे कि स्थायी सुख नहीं मिल रहा है। समय निकालकर प्रभु भक्ति और धर्म-कर्म करते थे। एक बार सम्मेदशिखर में पुण्य सागर महाराज के दर्शन किए थे। उनसे प्रभावित होकर अब कारोबार को छोड़कर दीक्षा लेकर जीवन को आगे बढ़ाएंगे। अब साधु बनने जा रहे है। आदर्श कुमार जैन ने रूड़की यूनिवर्सिटी से 1980 में मैकेनिकल इंजीनियरिंग पास की थी। एस्कॉर्ट लिमिटेड फरीदाबाद में मोटरसाइकल डिवीजन में असिस्टेंट मैनेजर प्रॉडक्शन के पद पर 1992 तक काम किया था। इसके बाद अपना बिजनेस शुरू किया। उनका सालाना उनका 3 करोड़ का टर्न ओवर था। इनके परिवार में पत्नी पूनम जैन, दो बेटे है और एक बेटी डॉ. प्राची हैं। 2. 2000 किलोमीटर गुरु के साथ चलने पर दीक्षा लेने का मन बनाया
मुंबई के मलाड में रहने वाले अरविंद कोटड़िया (76) पावरलूम कमीशन एजेंट का काम करते है। लाखों रुपए का व्यवसाय सालाना करते हुए लग्जरी लाइफ जी रहे थे। अब इसे त्याग कर संयम का रास्ता अपनाने जा रहे हे। उन्होंने बताया कि गुरुदेव आचार्य पुण्य सागर महाराज मुंबई से नासिक की तरफ से विहार कर रहे थे। तब ऐसा मन बन गया कि घर नहीं जाकर गुरुदेव के साथ ही आगे बढ़े। देखते ही देखते 2000 किलोमीटर की यात्रा कर शिखरजी तक पैदल ही चले गए। बस उसके बाद भले ही मुंबई आ गया लेकिन मन बना चुका था कि अब अपनी आत्मा का कल्याण करने का रास्ता पकड़ना होगा। मन पक्का था और अब दीक्षा होने जा रही है। इनके परिवार में पत्नी सुलोचना, पुत्र धर्मेश और दो बेटियां अनिता व पूर्वी हैं। 3. पत्नी ने 4 साल पहले दीक्षा ली
बिजनेसमैन देवीलाल जैन (76) मूल रूप से उदयपुर जिले के बंबोरा के पास गुड़ली गांव के रहने वाले है। ये 13 साल की उम्र में अपना गांव छोड़कर नौकरी के लिए अहमदाबाद चले गए थे। 15 साल की उम्र में अहमदाबाद से मुंबई चले गए थे। उन्होंने बताया कि 2009 में मुंबई में गुरुदेव के दर्शन हुए थे। तब मन बनाया कि मेरी आत्मा का कल्याण करना है। इस बीच पत्नी बबली देवी ने 3 दिसंबर 2021 को आचार्य पुण्य सागर महाराज के पास सम्मेद शिखर में दीक्षा ग्रहण कर ली। आज वे आर्यिका नियम मति माताजी के नाम से धर्म आराधना कर रही है। इससे पहले हमने 15 साल ब्रह्मचर्य व्रत का पालन किया। देवीलाल जैन का इलेक्ट्रिक, हार्डवेयर का बिजनेस है। कारोबार को अपने दो बेटों पंकज और राकेश को सौंपकर धर्म के पथ पर आगे बढ़ने के लिए दीक्षा लेने जा रहे हैं। एक बेटा भारत टीसीएस कंपनी में है। दीक्षार्थियों की शोभायात्रा आज
उदयपुर के श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर हिरणमगरी सेक्टर 4 के अध्यक्ष झमकलाल अखावत ने बताया- दीक्षार्थियों की आज शाम 6 बजे के करीब शोभायात्रा निकाली जाएगी। इससे पहले शुक्रवार शाम को हल्दी और मेहंदी की रस्म हुई। कल दीक्षा समारोह होगा। हल्दी और मेहंदी की रस्म के PHOTOS देखिए-

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