मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएएनआईटी) भोपाल के एमएमई और यांत्रिकी विभाग द्वारा आयोजित *अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन ऑन एडवांस्ड मटेरियल्स एंड मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजीज़ (ICAMMT) 2024* में उज्जैन इस्कॉन के सह अध्यक्ष व्रजेंद्र कृष्ण दास ने *“आध्यात्मिक ज्ञान से मानसिक स्वरूप में परिवर्तन”* विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। अपने प्रेरणादायक संबोधन में दास ने मानव मस्तिष्क की प्रकृति पर प्रकाश डाला, इसे चंचल और अस्थिर बताते हुए इसके प्रबंधन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार इन मानसिक स्वरूपों को आध्यात्मिक अभ्यासों के माध्यम से समझा और नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने *भगवद गीता* के दिव्य ज्ञान का उल्लेख करते हुए जीवनशैली प्रबंधन के सिद्धांतों पर चर्चा की। उन्होंने जीवन में संतुलन बनाए रखने और उच्च आध्यात्मिक मूल्यों के साथ अपने कर्मों को संरेखित करने की आवश्यकता पर जोर दिया, जिससे मानसिक स्पष्टता और स्थिरता प्राप्त की जा सके। अपने संबोधन का एक प्रमुख पहलू *मंत्र ध्यान* की परिवर्तनकारी शक्ति पर था। उन्होंने समझाया कि पवित्र नामों का जप करने से व्यक्ति मस्तिष्क को शांत कर सकता है, नकारात्मकता पर विजय पा सकता है और आंतरिक शांति का अनुभव कर सकता है। सत्र का समापन एक संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ, जिसमें एचजी व्रजेंद्र कृष्ण दास ने दैनिक जीवन में आध्यात्मिकता को शामिल करने और मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत करने के तरीकों पर प्रश्नों का उत्तर दिया। उनका विचारोत्तेजक सत्र प्रतिभागियों को आध्यात्मिक ज्ञान और मानसिक मजबूती के बीच संबंधों का पता लगाने के लिए प्रेरित कर गया।


