धार सहित ग्रामीण अंचल में कड़ाके की ठंड से लोगों को थोड़ी राहत मिली है। बर्फीली हवाओं का असर कम होने के कारण दिन सहित रात के तापमान में बढ़ोतरी हुई है। पिछले दो दिनों से ठंड का असर कम हुआ है। मौसम विभाग की माने अभी ऐसा ही मौसम बना रहेगा। 25 दिसंबर के बाद ठंड का दूसरा दौर शुरू होगा। शीतलहर और कोल्ड डे यानी, ठंडे दिन की कंडीशन खत्म हो गई है। इसी कारण रात का न्यूनतम तापमान घटने के बजाय बढ़ने लगा है। पिछले 48 घंटे में ही तापमान चार डिग्री तक बढ़ चुका है। जो और अधिक बढ़ने की उम्मीद है। मौसम वैज्ञानिक वीएस यादव के अनुसार ठंड का असर कम रहेगा। उत्तर भारत में एक्टिव वेस्टर्न डिस्टरबेंस के गुजरने के बाद बर्फबारी होगी। अभी राजस्थान से आ रही हवाओं के कारण असर कम हुआ है। हालांकि दिन के समय ठंडी हवाएं जरूर चल रही हैं। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार उत्तर पश्चिम भारत के ऊपर 12.6 किमी की ऊंचाई पर 260 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से जेट स्टीम हवाएं बह रही हैं। दरअसल इस साल दिसंबर की सर्दी ने ट्रेंड बदल दिया है। पिछले 10 सालों का रिकाॅर्ड और ट्रेंड देखें तो दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में कड़ाके की ठंड पड़ती रही है। लेकिन इस बार पहले ही पखवाड़े में तेज सर्दी का असर है। बता दें कि नवंबर में भी सर्दी अपना रिकाॅर्ड तोड़ चुकी है। दिसंबर माह के शुरुआती दिनों से ही ठंड का असर बढ़ने लगा है। इस साल की सबसे ठंडी रात 10 दिसंबर की रही है। तब न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री पहुंच चुका था। हालांकि इसके बाद तापमान लगातार बढ़ रहा है। बर्फीली हवाओं के कारण ठंडी हवाएं जरूर चल रही हैं। शनिवार सुबह से हल्की धूप के साथ हवा भी है। शुक्रवार को रात का न्यूनतम तापमान 13 डिग्री दर्ज किया गया, जो एक दिन पहले से डेढ़ डिग्री बढ़ चुका है। डॉ जीएस गठिये के अनुसार ठंड के दिनों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री के आसपास रहता है, तो फसलों को दिक्कत नहीं होती है। किंतु इससे आगे बढ़ने पर रस चूसक कीटों का प्रभाव बढ़ता है।
दिनांक अधिकतम न्यूनतम
20 दिसंबर 28.9 डिग्री 13.5 डिग्री
19 दिसंबर 29.5 डिग्री 11.9 डिग्री
18 दिसंबर 29.5 डिग्री 10.8 डिग्री
17 दिसंबर 29.9 डिग्री 11.0 डिग्री


