‘मैने पांव छुए तो मुझे कहा—तू यहां क्या लेने आया’:गरबा महोत्सव में मुख्य सचेतक और जिला परिषद सदस्य में मंच पर हुई तकरार

जालोर जिले के जीवाणा के मुख्य बाजार में गरबा महोत्सव का आखिरी दिन राजनीतिक अभद्रता की भेंट चढ़ गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि विधानसभा में मुख्य सचेतक (चीफ व्हीप) जोगेश्वर गर्ग आए हुए थे। इसी कार्यक्रम में आए क्षेत्र के जिला परिषद सदस्य एवं कांग्रेस नेता रामाराम चौधरी के बीच मंच पर तकरार हो गई। जिसके बाद रामाराम कार्यक्रम को छोड़ बाहर अपने समर्थकों के गर्ग का विरोध करने लगे। जिसके बाद माहौल इतना तनाव पूर्ण बन गया कि गर्ग को कार्यक्रम बीच में छोड़कर जाना पड़ा। गरबा महोत्सव के समापन का था कार्यक्रम
चौधरी ने बताया कि सायला के जीवाणा गांव में 9 दिवसीय शारदीय नवरात्रि के अन्तिम दिन बुधवार की रात को गरबा कार्यक्रम के समापन में प्रसादी का कार्यक्रम रखा गया था। जिसमें विधानसभा मुख्य सचेतक व जालोर विधायक जोगेश्वर गर्ग अतिथि के तौर पर कार्यक्रम में पहुंचे थे। इनके बाद आमंत्रण पर सायला से जिला परिषद सदस्य व कांग्रेस नेता रामाराम चौधरी भी कार्यक्रम में पहुंचे। चौधरी ने समर्थकों के साथ जताया विरोध
चौधरी ने बताया— विधायक जोगेश्वर गर्ग को देखा तो मैंने तो सम्मान देते हुए गर्ग के चरण स्पर्श किए, लेकिन उन्होंने मुझे कहा कि-तू यहां क्या लेने आया। तेरा यहां क्या काम है। निकल जा। इसके बाद चौधरी भड़क गए और मंच छोड़कर बाहर निकल गए। चौधरी ने इसे अपनी सार्वजनिक बेइज्जती करार देते हुए सड़क पर समर्थकों के साथ विरोध जताया। स्टेटस लगाकर जताया विरोध
चौधरी ने गुरुवार को स्टेटस डाला- मिस्टर मंत्री जोगेश्वर गर्ग। मैं आपको कहना चाहता हूं कि तुमने जो मेरी बेइज्जती रात को की है आपको सार्वजनिक मंच से माफी मांगनी पड़ेगी। आप एक किसान पुत्र को दबा नहीं सकते। मैंने ईमानदारी से काम किया है और हर वर्ग का दिल जीता है। यह आप पचा नहीं पा रहे हो। रात के सब वीडियो और फुटेज मेरे पास हैं। आपने तो पुलिस को बोला था कि इसको गिरफ्तार कर लो, बट आप और पुलिस प्रशासन में हिम्मत नहीं है। गलती की इसलिए आपको चुपके से इस प्रोग्राम में से बाहर निकलना पड़ा। पूर्व प्रधान 1 घंटे समझाते रहे, उधर लौट गए गर्ग
हंगामा बढ़ता देख पूर्व प्रधान रामप्रकाश चौधरी और खेतलावास ग्राम पंचायत प्रशासक हजाराम बीच-बचाव के लिए आगे आए। उन्होंने लगभग 1 घंटे तक चौधरी को समझाने की कोशिश की। उन्होंने रामाराम चौधरी से कहा कि आप सही हैं, और हम गर्ग के शब्दों के लिए माफी मांगते हैं। समाज के अन्य लोग भी यही आग्रह करते रहे, लेकिन चौधरी ने स्पष्ट कहा कि गर्ग की सार्वजनिक माफी के बिना विवाद खत्म नहीं होगा।
इस बीच पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और भीड़ को शांत करने की कोशिश की। हालांकि विरोध कम नहीं हुआ। ऐसे में भारी दबाव और नाराजगी के बीच मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग को कार्यक्रम छोड़ लौटना पड़ा। जिला परिषद सदस्य रामाराम चौधरी ने बताया— मैं आयोजकों के बुलाने पर कार्यक्रम में गया था। वहां पहले से मौजूद मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग का सम्मान किया और उनके पैर छुए। वे भड़क कर बोले कि तू यहां क्यों आया है। इस पर मेरे आत्मसम्मान को ठेस पहुंची और मैंने उनका विरोध जताया। मेरे पास सब वीडियो हैं। चौधरी ने कहा- हमारे समाज के कार्यक्रम में नहीं आने देंगे
मामले को लेकर चौधरी समाज में भी आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में युवा और समाजजन बाहर एकत्रित हो गए और “गर्ग हाय-हाय” के नारे लगाने लगे। कार्यक्रम स्थल से बाहर आने के बाद चौधरी ने समर्थकों को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि मुझे यहां आमंत्रित कर मेरी बेइज्जती करवाई गई। गर्ग ने मेरा खुलेआम अपमान किया है। यह केवल मेरा नहीं बल्कि पूरे समाज का अपमान है। अब हमारे समाज के किसी भी कार्यक्रम में गर्ग को शरीक नहीं होने देंगे। चौधरी ने कहा कि गर्ग के अपमानजनक शब्दों को वे कभी माफ नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि गर्ग पहले भी मानहानि के मुकदमों और पारिवारिक विवादों में घिरे रहे हैं।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *