मैहर शहर के वार्ड क्रमांक 9 में स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया। पुरानी बस्ती उत्तर दरवाज़ा क्षेत्र में एक घर में बिना पूर्व सूचना के स्मार्ट मीटर लगाए जाने पर स्थानीय निवासियों ने विरोध किया, जिसके बाद कर्मचारियों को नया मीटर हटाकर पुराना मीटर वापस लगाना पड़ा। यह घटना कमलेश साहू के घर पर हुई, जहाँ बिजली विभाग के कर्मचारियों द्वारा पुराना मीटर हटाकर नया स्मार्ट मीटर लगाया जा रहा था। कमलेश साहू ने मौके पर पहुँचकर स्मार्ट मीटर हटाने और पुराना मीटर पुनः लगाने की मांग की, जिस पर कर्मचारियों से उनकी तीखी बहस हुई। विवाद की सूचना मिलने पर कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष रमेश प्रजापति तत्काल मौके पर पहुँचे। उन्होंने कर्मचारियों और ठेकेदार से बात की, जिसके बाद बहस और बढ़ गई। स्थिति को बिगड़ता देख कर्मचारियों ने नया स्मार्ट मीटर निकालकर पुराना मीटर वापस लगा दिया। कमलेश साहू ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद बिजली बिल अत्यधिक आ रहा है, जिसके कारण वे इसे नहीं लगवाना चाहते। स्थानीय नागरिकों ने भी स्मार्ट मीटर के विरोध में आवाज़ उठाई और कांग्रेस के रुख का समर्थन किया। कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष रमेश प्रजापति ने स्मार्ट मीटर ठेकेदार और एमपीईबी (विद्युत विभाग) के कर्मचारियों से स्पष्ट कहा कि जनता की सहमति के बिना स्मार्ट मीटर लगाना अनुचित है। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्मार्ट मीटर आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रहे हैं, जिसे कांग्रेस पार्टी स्वीकार नहीं करेगी। प्रजापति ने यह भी कहा कि मैहर की जनता के हितों के साथ कोई समझौता नहीं होने दिया जाएगा और जब तक आमजन की सहमति नहीं होगी, तब तक स्मार्ट मीटर लगाने का प्रयास सफल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की ओर से नागरिकों से अपील की कि यदि कहीं जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जाएँ तो इसकी सूचना तत्काल कांग्रेस को दें। इस घटना के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक भी मौके पर मौजूद रहे और स्मार्ट मीटर के विरोध में एकजुटता दिखाई। कांग्रेस के हस्तक्षेप के बाद वार्ड क्रमांक 9 में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य फिलहाल रोक दिया गया है।


