पंजाब में रोडवेज बसों के चक्का जाम आंदोलन का असर मोगा में भी दिखाई दे रहा है। यहां पर पंजाब रोडवेज और पनबस के कच्चे कर्मचारियों ने बस स्टैंड पर धरना दिया और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 7 जनवरी को चंडीगढ़ में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। बता दें कि, पंजाब में पनबस और रोडवेज के करीब 8 हजार कर्मचारी तीन दिन की हड़ताल पर हैं। हड़ताल के चलते पनबस और पंजाब रोडवेज की बसों का चक्का जाम किया गया है। मोगा के बस स्टैंड पर धरने पर बैठे आंदोलनकारियों का कहना था कि किसी भी कीमत पर कर्मचारियों की अनदेखी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार कर रही मांगों को अनदेखा प्रदर्शनकारी गुरप्रीत सिंह ने का कि पंजाब में लंबे समय से पनबस और पीआरटीसी के कच्चे मुलाजिम अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार के साथ बातचीत हो जाने के बाद भी उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि, पूरे पंजाब में करीब आठ हजार कर्मचारी तीन दिन की हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों की मुख्य मांग उन्हें पक्का करना, किलो मीटर स्कीम को बंद करना, नई बसें खरीदने, वर्कशॉप में खड़ी बसों की रिपेयर करवाना आदि मांगें शामिल है। दूसरी ओर सभी प्राइवेट कंपनी की बसे और पंजाब रोडवेज के पक्के कर्मचारी अपने-अपने रुट पर बसों का संचालन कर रहे हैं।


