स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों- कर्मचारियों ने खराब मोबाइल मेडिकल यूनिट से ग्रामीणों का इलाज दिखाकर फर्जी ढंग से 44 लाख रुपए का भुगतान ले लिया। मोबाइल मेडिकल यूनिट खराब पड़ी रही। लेकिन, हर माह 25 दिनों तक ग्रामीणों का इलाज करने का बिल बनता रहा। 1.25 लाख रुपए का भुगतान भी होता रहा। हर साल करीब 14.70 लाख और तीन साल में 44 लाख रुपए से अधिक निकाल लिए गए। इसकी शिकायत स्वास्थ्य विभाग तक पहुंची तो जांच शुरू हुई। पता चला कि मोबाइल मेडिकल यूनिट अनगड़ा प्रखंड के नारायण सोसो गांव में तीन साल से खड़ी थी। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त सचिव सीमा कुमारी उदयपुरी ने सिविल सर्जन रांची को पत्राचार करते हुए इस मामले में क्या जांच हुई और कार्रवाई का प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। पत्र में कहा गया है कि अनगड़ा प्रखंड के वेलफेयर सोसायटी ऑफ झारखंड द्वारा मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहन (संख्या जेएच 01एजी-9602) द्वारा अप्रैल 2019 से दिसंबर 2021 तक फर्जी बिल जमा कर अनियमित भुगतान लेने के विरुद्ध क्या कार्रवाई की गई है, इसकी भी जानकारी मांगी है। कुछ ही दिनों तक गांवों में चली थी मोबाइल यूनिट रांची जिले के अनगड़ा प्रखंड में ग्रामीणों को डोर-स्टेप चिकित्सा सुविधा देने के लिए सरकार ने वेलफेयर सोसायटी को मोबाइल मेडिकल वैन यूनिट चलाने को दिया। कुछ दिनों तक मोबाइल यूनिट ने प्रखंड के गांवों में जाकर सेवाएं दीं, लेकिन 2019 से गांवों में जाना छोड़ दिया। 2021 तक मेडिकल यूनिट किसी गांव में नहीं गई।


