कभी प्रदेश में तीसरे नंबर पर रहा सिविल अस्पताल बाबा बकाला अब खुद बीमार नजर आ रहा है। गांव कलेर घुमान के युवक शमशेर सिंह की मौत के बाद परिजनों ने उसकी डेड बॉडी अस्पताल की मोर्चरी में रखी थी। लेकिन रातभर बिजली गुल रही और सुबह डेड बॉडी से बदबू आने लगी। गांव के सरपंच प्रभदयाल ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि गांव में भी डेड बॉडी रखने के लिए कैंडी है। लेकिन खराब मौसम के कारण बिजली नहीं थी। इसलिए शव को अस्पताल लाया गया। उम्मीद थी कि यहां बिजली होगी। सरपंच ने बताया कि अस्पताल में तीन जनरेटर हैं। लेकिन एक भी नहीं चलाया गया। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं हुआ। पहले भी ऐसी लापरवाही हो चुकी है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से इस पर गंभीरता से ध्यान देने की मांग की। वहीं जब इस सारे मसला जानने के लिए एसएमओ बाबा बकाला नीरज भाटिया से बात की गई तो उन्होंने बताया कि पावर सप्लाई कुछ दिनों से कम आने के कारण लगातार जनरेटर चलते रहे जो गर्म होने के कारण खराब हो गए। उन्होंने कहा की हमने सिविल अस्पताल बाबा बकाला को 24 घंटे पावर सप्लाई देने के लिए पीएसपीसीएल को भी लिखा है।


