मोवा ओवरब्रिज डामरीकरण करने में गड़बड़ी का खुलासा हो गया है। उधड़ी हुई सड़क के नमूने की लैब में जांच कराने से पता चला कि ठेकेदार ने डामरीकरण के दौरान गिट्टी में डामर को निर्धारित मापदंडों के अनुसार नहीं मिलाया। इस वजह से एक घंटे के भीतर ही नई सड़क उधड़ गई। अफसरों ने सख्ती से निगरानी नहीं की इस वजह से ठेकेदार को मनमानी का मौका मिल गया। इसके लिए ईई विवेक शुक्ला, एसडीओ रोशन कुमार साहू, सब इंजीनियर राजीव मिश्रा, देवव्रत यमराज और तन्मय गुप्ता को जिम्मेदार मानते हुए उन्हें निलंबित किया गया। ठेकेदार के ऊपर विभाग अभी भी मेहरबान है। ठेकेदार केशवदास जाधवानी को केवल कारण बताओ नोटिस जारी कर खानापूर्ति की गई है। अफसरों को ये करना था जो नहीं किया सवाल: एक ही लेन की जांच, दूसरी की क्यों नहीं ? टू लेन ओवरब्रिज के केवल एक लेन के डामर की जांच की गई है। ये लेन सड्डू से पंडरी की ओर आने वाली है, जबकि पंडरी से सड्डू जाने वाली लेन के डामरीकरण की जांच नहीं की गई है। हालांकि इस लेन की बजरी नहीं उखड़ी इसलिए जांच नहीं की गई। पीडब्ल्यूडी विभाग के कुछ अफसरों का कहना है कि पंडरी से सड्डू जाने वाली लेन की जांच भी होनी चाहिए। इससे उस लेन के डामरीकरण की सच्चाई भी सामने आएगी। इस बीच मोवा-सड्डू लेन के डामरीकरण का काम अभी भी बंद है। मोवा-सड्डू की ओर से शहर में आने वाले लोगों को अंडरब्रिज से होकर आना करना पड़ रहा है। इस कारण अंडरब्रिज के अंदर अक्सर जाम लग रहा है और जाम के कारण लोग परेशान हो रहे हैं। डामरीकरण के दौरान लापरवाही पाए जाने के कारण पांच अफसरों को निलंबित कर दिया गया है। ठेकेदार को भी शो कॉज नोटिस जारी कर दिया गया है। ठेकेदार पर भी कार्रवाई की जाएगी।
अरुण साव, पीडब्ल्यूडी मंत्री, डिप्टी सीएम, छत्तीसगढ़


