मोहाली जिले के जीरकपुर ट्रैफिक पुलिस ने ईमानदारी की एक सराहनीय मिसाल पेश की है। ट्रैफिक पुलिस में तैनात सीनियर कॉन्स्टेबल कृष्ण कुमार ने दशमेश नगर के रहने वाले लूकस का खोया हुआ पर्स खोजकर उन्हें सुरक्षित लौटा दिया। इस घटना से पुलिस की सकारात्मक छवि सामने आई है। जानकारी के अनुसार, दशमेश नगर निवासी लूकस का पर्स 25 दिसंबर को चंडीगढ़ से घर लौटते समय गुम हो गया था। पर्स में उनके आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड सहित अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज और 500 रुपए नकद मौजूद थे। लूकस ने बताया कि उन्हें नकदी से अधिक अपने जरूरी दस्तावेजों की चिंता थी। पुलिस ने फोन कर दी जानकारी पर्स गुम होने के बाद लूकस की परेशानी उस समय कम हुई, जब उन्हें जीरकपुर ट्रैफिक पुलिस से एक कॉल प्राप्त हुई। कॉल के माध्यम से उन्हें बताया गया कि उनका खोया हुआ पर्स मिल गया है। इसके बाद कॉन्स्टेबल कृष्ण कुमार ने लूकस को बुलाया और उनका पर्स सभी दस्तावेजों और नकदी सहित सुरक्षित रूप से सौंप दिया। पुलिस का जताया आभार अपना पर्स वापस मिलने पर लूकस ने ट्रैफिक पुलिस जीरकपुर और विशेष रूप से कॉन्स्टेबल कृष्ण कुमार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की ईमानदारी समाज के लिए प्रेरणादायक है और इससे पुलिस के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत होता है। लाइसेंस से मिला पीड़ित का नंबर कॉन्स्टेबल कृष्ण कुमार ने बताया कि जब उन्हें सड़क पर पर्स मिला, तो उन्होंने उसमें रखे ड्राइविंग लाइसेंस की जानकारी चालान मशीन में दर्ज की। मशीन के माध्यम से लाइसेंस से जुड़ा मोबाइल नंबर प्राप्त हुआ। इसके बाद उन्होंने तुरंत लूकस को फोन कर पर्स मिलने की सूचना दी और उन्हें थाने बुलाकर पर्स सुरक्षित रूप से सौंप दिया। स्थानीय लोगों ने भी ट्रैफिक पुलिस के इस ईमानदार कदम की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे पुलिसकर्मी समाज में भरोसा कायम करने का काम करते हैं।


