अमृतसर| वीरवार के दिन पड़ने के चलते मोहिनी एकादशी व्रत का महत्व और बढ़ जाता है। इस दिन भगवान विष्णु जी की पूजा करने से ज्ञान में वृद्धि होती है। साथ ही मान-सम्मान में बढ़ौतरी होती है। वहीं नवविवाहित दंपतियों को पुत्र रत्न की प्राप्ति होती है। पंडित राम अवतार का कहना है कि मोहिनी एकादशी के दिन पूजा के समय गोपाल स्तोत्र का पाठ अवश्य करें। वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का प्रारंभ 7 मई को सुबह 10 बजकर 19 मिनट पर होगा। वहीं इस तिथि का समापन 8 मई दोपहर 12 बजकर 29 मिनट पर होगा। उदया तिथि के मुताबिक मोहिनी एकादशी का व्रत वीरवार 8 मई को किया होेगा। मोहिनी एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से मुक्त होने के बाद साफ-सुथरे कपड़े पहनें। भगवान विष्णु समेत मां लक्ष्मी की पूजा के बाद तुलसी की पूजा आरंभ करें। सबसे पहले तुलसी के आस-पास अच्छे से सफाई कर लें। इसके बाद तुलसी के पास दीपक जलाएं और तुलसी जी को लाल चुनरी अर्पित करें।


