इंदौर में 15 लोगों को कुचलने वाले ट्रक ड्राइवर गुलशेर खान और हेल्पर शंकर को बुधवार को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। दोनों का पांच दिन का रिमांड मांगा। इसे मंजूर करते हुए अदालत ने दोनों आरोपियों को 21 सितंबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। अब पुलिस दोनों से विस्तृत पूछताछ करेगी। एडिशनल डीसीपी आलोक शर्मा ने बताया कि गुलशेर और शंकर को सुबह 11 बजे कोर्ट में पेश किया गया। लोगों के आक्रोश को देखते हुए कड़ी सुरक्षा रखी गई। दरअसल, कुछ हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता और वकील दोनों आरोपियों के कोर्ट पहुंचने का इंतजार कर रहे थे। आशंका थी कि वे गुलशेर और शंकर की पिटाई कर सकते हैं। इसके मद्देनजर दोनों को दोपहर 1 बजे से 2 बजे के बीच अदालत लाने की बात प्रचारित की गई थी। दरअसल, इंदौर में सोमवार शाम को बेकाबू ट्रक ने 15 लोगों और वाहनों को टक्कर मारी थी। शहर के एयरपोर्ट रोड पर इस हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं, इलाज के दौरान एक और युवक ने दम तोड़ दिया था। 12 घायलों को अलग-अलग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हत्या के प्रयास, अप्राकृतिक कृत्य का आरोपी है गुलशेर
इंदौर पुलिस के मुताबिक, 48 साल का गुलशेर पिता शमशेर खान धार के धरमपुरी का रहने वाला है। उस पर पहले से 3 अपराध दर्ज हैं। इनमें आर्म्स एक्ट, हत्या के प्रयास और पशु के साथ अप्राकृतिक कृत्य का मामला शामिल है। वह शराब पीने का आदी है। गुलशेर को किसी अपराध में सजा हुई या कोई केस कोर्ट में विचाराधीन है, इसकी जानकारी निकाली जा रही है। हेल्पर शंकर ठाकुर भी धरमपुरी का ही रहने वाला है। कॉन्स्टेबल ने जान पर खेलकर ट्रक को रोका
टक्कर मारते हुए दौड़ रहे ट्रक को रोकने के लिए ट्रैफिक पुलिस कॉन्स्टेबल सहित कुछ राहगीरों ने अपनी जान की बाजी तक लगा दी थी। ट्रैफिक कॉन्स्टेबल पंकज यादव ने करीब आधा किलोमीटर तक एक राहगीर को बाइक पर बैठाकर ट्रक को रोकने का प्रयास किया। आखिरकार बड़ा गणपति चौराहे पर पहुंचने से पहले ही उसे रोक लिया। कॉन्स्टेबल पंकज यादव सोमवार को रामचंद्र नगर चौराहे पर अपने साथियों के साथ ड्यूटी कर रहे थे। तभी कालानी नगर चौराहे की तरफ से ट्रक कई लोगों को टक्कर मारते हुए रामचंद्र नगर चौराहे के पास पहुंचा। पंकज ने तुरंत एक बाइक सवार को रोका और ट्रक को रोकने के लिए उसके पीछे लग गए। उन्होंने आसपास चल रहे अन्य बाइक सवारों से कहा कि आगे से लोगों को हटने के लिए कहें। वे खुद भी चिल्लाकर लोगों को ट्रक से दूर हटने और ट्रक का ब्रेक फेल होने की जानकारी देते रहे। घटना की जानकारी पुलिस के वायरलेस सेट पर भी दी, जिसके बाद बड़ा गणपति पर तैनात पुलिस जवानों ने चौराहे को खाली करना शुरू कर दिया। चलते ट्रक पर चढ़ने की कोशिश की
पंकज के कई बार चिल्लाने पर भी गुलशेर ने ट्रक नहीं रोका तो उन्होंने बाइक सवार को ट्रक के साथ चलने को कहा। इस बीच वह चलते ट्रक पर कंडक्टर साइड से चढ़ने का प्रयास करने लगे, लेकिन सफल नहीं हो पाए। उन्होंने ट्रक पर पत्थर भी मारा। जिसके बाद ड्राइवर थोड़ा होश में आया और ट्रक धीमा किया। ट्रक धीमा होते ही पंकज बाइक से नीचे उतरे और दोबारा ट्रक पर चढ़ने का प्रयास किया, मगर कंडक्टर साइड से चढ़ नहीं पाए। इसके बाद वे ड्राइवर साइड पहुंचे और गेट खोलकर सबसे पहले ट्रक की चाबी निकाल दी। इससे ट्रक बड़ा गणपति चौराहे के पास ही रुक गया। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… इंदौर ट्रक हादसा- बाइक समेत जल रहे थे IDA अधिकारी इंदौर में सोमवार रात हुए एक हादसे ने कई परिवारों की खुशियां बिखेर दी। बेकाबू ट्रक की टक्कर से 3 लोगों की मौत हो गई, 12 घायल हैं। मृतकों में प्रोफेसर लक्ष्मीनारायण सोनी, आईडीए अधिकारी कैलाशचंद्र जोशी और महेश कैथवास शामिल हैं। हादसे में झुलसे लोग और अपनों को खो चुके परिवार सदमे में हैं। पढ़ें पूरी खबर…


