{ उत्तर भारत से आ रही बर्फीली उत्तरी हवाएं : जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तर भारत में हुई बर्फबारी के बाद वहां से ठंडी व शुष्क हवाएं राजस्थान की ओर बह रही हैं। ये हवाएं सीधे पाली सहित पश्चिमी राजस्थान तक पहुंचकर न्यूनतम तापमान को तेजी से गिरा देती हैं। {आसमान साफ और नमी बहुत कम : पाली क्षेत्र में पिछले कई दिनों से आसमान साफ है। साफ आसमान में दिन की गर्मी रात में तेजी से बाहर निकल जाती है नमी कम होने से रेडिएशनल कूलिंग ज्यादा होती है इस वजह से रात का तापमान असामान्य रूप से नीचे चला जाता है। { शुष्क जमीन और रेगिस्तानी प्रभाव : पाली अर्ध-रेगिस्तानी क्षेत्र में आता है। यहां मिट्टी में नमी कम होती है। पेड़-पौधों व जल स्रोतों की कमी रहती है। ऐसी जमीन दिन में जल्दी गरम और रात में तेजी से ठंडी हो जाती है, जिससे दिन-रात के तापमान में बड़ा अंतर बनता है और ठंड ज्यादा महसूस होती है। चोटिला. रविवार को सुबह कोहरा छाया रहा। वाहन चालकों को लाइट जलाकर निकलना पड़ा। पाली | जिले में कड़ाके की सर्दी ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। बर्फीली हवाओं के चलते जिले के कई इलाकों में न्यूनतम तापमान 1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले 14 वर्षों में सबसे कम है। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को मौसम साफ रहने की संभावना है, जिससे कोल्ड वेव से थोड़ी राहत मिल सकती है। पिछले पांच दिनों से रात का तापमान लगातार 8 डिग्री से नीचे बना हुआ है। वहीं 27 जनवरी को उत्तर-पूर्वी जिलों में बादल छाने, तेज हवाएं चलने, बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है। दिन में भी रात जैसी ठंड: पिछले 24 घंटों में आसमान साफ रहा और धूप भी निकली, लेकिन दोपहर बाद चली सर्द हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी।


