एक दिन पहले कोहरा छाया पर उसमें इतनी दिक्कत इसलिए नहीं हुई क्योंकि 50 मीटर तक का दिखाई दिया मगर शुक्रवार को सुबह 8 बजे तक कोहरे में बिजिविलिटी 20 से 30 मीटर रही। वाहनों की रफ्तार थम गई। लाइटें जलाने के बाद भी वाहनों के लिए चलना मुश्किल हो रहा था। अचानक मौसम में बदलाव इसलिए हुआ क्योंकि एक दिन पहले ही एक विक्षोभ गुजरा था जो बरसा तो नहीं मगर नमी छोड़ गया। यही नमी कोहरे की वजह बनी हुई है। धूप 11 बजे के करीब निकली मगर पूरे दिन धूप में गर्मी कम रही। जब भी विक्षोभ आता है तो बादल छाता है या बूंदाबांदी होती है। विक्षोभ आने से पहले नमी सोख लेता है और हवाओं का पैटर्न बदलने से अचानक तापमान बढ़ जाता है। दो दिन पहले तक रात का पारा 12 डिग्री तक पहुंच गया था। पूर्वी राजस्थान में विक्षोभ आया जिसका असर चूरू तक रहा पर उससे कहीं कहीं ही बारिश हुई। मगर दो दिन पहले ही विक्षोभ जैसे ही गुजरा तो आसमान की ऊपरी सतह में हवाओं का रुख फिर बदला। नमी बढ़ गई। इसलिए दो दिन से कोहरा छाया हुआ रहा। गुरुवार काे कोहरा हलका रहा। 11 बजे बाद धूप निकल आई थी और सुबह भी कोहरे का घनत्व कम था मगर शुक्रवार को तो 10 बजे तक बिजिविलिटी में काेई परिवर्तन नहीं आया। सुबह 8 बजे तक 20 से 30 मीटर तक ही दिखाई दे रहा था। शहर के बाहरी हिस्सों में विजिबिलिटी और कम थी। जहां पानी का कोई बड़ा भंडार है या नहर के किनारे जहां पानी चल रहा है वहां कोहरा और भी ज्यादा घना रहा। कोहरे के साथ गिरी ओस ने भी ठंडक का अहसास बढ़ा दिया। ऐसा लग रहा था कि 26 जनवरी के आसपास हुई अचानक गर्माहट से सर्दी विदा हो जाएगी मगर सर्दी ने वापस लौटकर चौंका दिया। अब तो संकेत हैं कि फरवरी का दूसरा सप्ताह भी कमोबेस इसी तापमान के आसपास बीतेगा। इस बीच न्यूनतम तापमान 9.2 डिग्री रिकार्ड किया गया। 2 फरवरी के आसपास फिर विक्षोभ पश्चिमी विक्षोभ दूसरा स्लैब फिर से आने की संभावना है। इसलिए आने वाले दो-तीन दिन पारा 11 से 12 डिग्री के करीब रहेगा लेकिन उसके बाद वापस गिरकर 8 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है। ये अनुमान मौसम विभाग का है लेकिन हवा का रुख बदला तो तापमान में भी फेरबदल हो सकता है।


