राजनांदगांव जिले में म्यूल अकाउंट के जरिए पौने 9 करोड़ रुपए की ठगी हुई है। ठगों का एक समूह जो पिछले 2-3 सालों से जिले में सक्रिय है। लोगों को पैसों का लालच देकर उनके खाते से ट्रांजक्शन करवाते थे और कमीशन का पैसा उन्हें देते थे। एसपी मोहित गर्ग के मुताबिक, ठगों ने आम लोगों को निशाना बनाया। उन्हें शेयर ट्रेडिंग, बैंक अप्रूवल करवाने, टावर लगवाने जैसे अलग-अलग मामलों का झांसा दिया और उनके बैंक खाते, चेकबुक और एटीएम कार्ड लिए। बैंक खाते बेचने और किराए पर देने वाले 16 आरोपी पकड़ाए है। पौने 9 करोड़ का संदिग्ध लेनदेन राजनांदगांव साइबर सेल और बसंतपुर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ठगी के 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि इन आरोपियों के खाते से पौने 9 करोड़ रुपए के संदिग्ध लेनदेन हुए हैं। किसी को शक न हो इसलिए ठगी की थोड़ी थोड़ी रकम का ट्रांजक्शन करते थे। गिरफ्तार आरोपियों में बैंक खाते बेचने और किराए पर देने वाले लोगों के साथ तीन खाता सप्लायर भी शामिल हैं। एसपी ने लोगों से अपील की है कि वे पैसों के लालच में न आएं और अपने बैंक खातों का दुरुपयोग न होने दें। 17 खातों के जरिए होता था ट्रांजक्शन एसपी मोहित गर्ग ने जानकारी दी कि शुरू में 6 खातों में लेनदेन किये जाते थे जिनमें 1 करोड़ का ट्रांजक्शन दिखाया गया। विश्लेषण के बाद पता चला कि 17 खातों के जरिए करीब पौने 9 करोड़ का ट्रांजक्शन हुआ है। साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले खातों की जांच पुलिस ने साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले खातों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया। जांच में कई ऐसे मूल खाते मिले, जिनसे बड़े पैमाने पर ठगी की रकम का लेनदेन हुआ। पूछताछ में पता चला कि लोग पैसों के लालच में अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड और चेकबुक ठगों को बेच रहे थे। आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया साइबर टीम, कोतवाली और बसंतपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा खाता सप्लायर चम्पेश देवांगन, नितेश साहू और गौरव चौहान को भी पकड़ा गया। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।


