प्रशासनिक रिपोर्टर | दुर्ग चिटफंड कंपनी यश ड्रीम के निवेशकों को मिलने वाला 18 करोड़ अटक गया है। बड़ी वजह है कि जिस कंपनी के डायरेक्टर शशांक चोपड़ा ने नीलामी में संपत्ति खरीदी थी, वह जेल में है। शशांक मोक्षित कार्पोरेशन कंपनी का डायरेक्टर है। उसे सीजीएमएसी घोटाले में रायपुर पुलिस ने करीब 7 महीने पहले जेल भेज दिया है। संपत्ति खरीदने के बाद से अब तक उसने शासन के खाते में पैसा जमा नहीं किया है। लंबा वक्त बीत जाने के बाद भी प्रशासन ने न तो अब तक नीलामी निरस्त की है और न पैसा वसूली का कोई ठोस प्रयास किया है। अफसरों के मुताबिक यश ड्रीम कंपनी के डायरेक्टरों की संपत्ति चिन्हित कर करीब 47 करोड़ रुपए में नीलाम की गई थी। इसमें 24 करोड़ शासन के खाते में जमा हो गए हैं। 1.17 करोड़ 160 निवेशकों को लौटाए भी जा चुके हैं। करीब 23 करोड़ अब भी जमा होना शेष है। बता दें कि 25 जुलाई 2023 को एसडीएम दुर्ग ने संपत्ति की नीलामी का आदेश जारी किया था। उसमें यश ड्रीम की कोहका स्थित 5 डिसमिल जमीन को अनवर आलम ने 31.30 लाख, 22 सौ वर्गफीट 42.40 लाख में जहीन खान, 22 सौ वर्गफीट 66.71 लाख में फांडेशन, अजोरा की 4.620 हेक्टेयर मोक्षित कार्पोरेशन के शशांक ने 18.61 करोड़ और अंडा की 0.360 हेक्टेयर जमीन 48.41 लाख में सतीश सोनी ने खरीदी थी। ईडी ने मोक्षित कार्पोरेशन के शशांक और उसके परिजनों की करीब 40 करोड़ की संपत्ति सीज भी की है। एसडीएम उत्तम ध्रुव के मुताबिक शशांक को पैसा जमा करने नोटिस जारी किया गया है। पैसा जमा नहीं किया तो दोबारा नीलामी करेंगे।


