भास्कर न्यूज | जशपुरनगर/पत्थलगांव सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए जशपुर पुलिस ने यातायात जागरूकता के अनोखे अभियान की शुरुआत की है। पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में रविवार को महाराजा चौक जशपुर और बीटीआई चौक पत्थलगांव में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम की खासियत यह रही कि लोगों को यातायात नियमों का पालन कराने के लिए ‘यमराज’ को सड़कों पर उतारा गया। यमराज के प्रतीक बने कलाकारों ने लोगों को समझाया कि यदि आप पुलिस के चालान से बच भी गए तो यमराज के चालान से नहीं बच पाएंगे। पुलिस ने सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने वाले वाहन चालकों को गुलाब का फूल देकर सम्मानित किया, वहीं नियमों का उल्लंघन करने वालों को यमराज के जरिए संदेश दिया गया कि यातायात नियमों का पालन करें, वरना अपनी जान जोखिम में डालेंगे। जशपुर पुलिस जिले में 1 जनवरी से 31 जनवरी तक 35वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का आयोजन कर रही है। सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए रविवार को महाराजा चौक और पत्थलगांव के बीटीआई चौक पर अनोखा अभियान चलाया गया। इस दौरान एसपी व पुलिस अधिकारियों ने हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने और शराब पीकर वाहन न चलाने की अपील की। नुक्कड़ नाटक के जरिए युवाओं को दिया संदेश जशपुर पुलिस ने यातायात नियमों का महत्व समझाने के लिए नुक्कड़ नाटक का सहारा भी लिया। 11 जनवरी को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बंदरचुंवा में नुक्कड़ नाटक का आयोजन कर छात्रों को यातायात नियमों के पालन का संदेश दिया गया। पुलिस ने बताया कि सड़क पर शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत शराब पीकर वाहन चलाने पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जा रहा है। इसके साथ ही वाहन न्यायालय से ही छोड़ा जाएगा। सड़क पर यातायात नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई भी की गई महाराजा चौक में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सोनी और डीएसपी मंजू लता बाज भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में कलाकारों केसर हुसैन, विशाल गुप्ता और कुंदन सिंह ने सक्रिय भूमिका निभाई। पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि जशपुर पुलिस यातायात नियमों का पालन कराने के लिए दो मोर्चों पर काम कर रही है। एक ओर नियम तोड़ने वालों पर लगातार चालानी कार्रवाई की जा रही है, तो दूसरी ओर लोगों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। चालान का डर दिखाने से ज्यादा जरूरी है कि लोग खुद अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए यातायात नियमों का पालन करें।


