‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान बेअसर : पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई जीरो

पंजाब सरकार के ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान का ऐतिहासिक शहर गोइंदवाल साहिब में असर नहीं दिखा रहा। कस्बे में खुलेआम बीड़ी-तंबाकू के खोखों और ढाबों पर अवैध नशीले पदार्थ बेचे जा रहे हैं। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग इस पर ध्यान नहीं दे रहे। जानकारी के अनुसार इन खोखों और ढाबों में ऐसी नशे की गोली बेची जा रही है, जिसकी एक चुटकी से दिमाग सुन्न हो सकता है। पांच रुपए में बिकने वाला यह नशा ज्यादातर युवा अपनी लत पूरी करने के लिए खरीदते हैं, लेकिन इस नशे को बेचने वाले नाबालिग स्कूली छात्रों को भी बेच रहे हैं। कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि क्षेत्र की युवा पीढ़ी बड़े पैमाने पर इस घातक नशे की लत का शिकार हो रही है। अत्यधिक सेवन से मृत्यु का भी खतरा रहता है। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार नशे के खिलाफ जंग लड़ रही है, वहीं दूसरी तरफ कस्बे में अवैध रूप से जानलेवा नशे की बिक्री हो रही है। इस संबंध में शहीद भगत सिंह नौजवान सभा के नेता सुलखन सिंह तुड़ ने कहा कि ऐतिहासिक शहर में सभी प्रकार की घातक नशे की बिक्री चिंता का विषय है और सरकार को इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। इस संबंध में एसएचओ बलराज सिंह ने बताया कि इलाके में पैकेट में गोलियां बिकने की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। इस गोली के संबंध में मेडिकल अफसर द्वारा जांच की गई है। पैकेट में रखी गोली भांग से बनी है, जिसमें कोई घातक नशीला रसायन नहीं है। इस संबंध में पुलिस क्या कार्रवाई कर सकती है? फिर भी आप इस संबंध में एसडीएम से बात कर सकते हैं। मैं एक पुलिस अधिकारी के रूप में नशीले पदार्थों के खिलाफ काम कर रहा हूं।

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