भाजपा नेता युमनाम खेमचंद सिंह मणिपुर के 13वें मुख्यमंत्री होंगे। मंगलवार को BJP विधायक दल की बैठक में उन्हें नेता चुना गया। अब राज्यपाल के सामने सरकार बनाने का दावा पेश किया जाएगा। कल यानी बुधवार को शपथ ग्रहण समारोह हो सकता है। भाजपा सूत्रों के मुताबिक कुकी-जो समुदाय को संतुष्ट करने के लिए 10 कुकी विधायकों में से एक को डिप्टी सीएम का पद दिया जा सकता है। इस दौरान मणिपुर के विधायक दल का नेता चुनने के लिए नियुक्त सेंट्रल ऑब्जर्वर तरुण चुग, संबित पात्रा और मणिपुर के पूर्व सीएम बीरेन सिंह भी मौजूद रहे। मणिपुर से NDA के करीब 20 विधायक रविवार रात को दिल्ली पहुंचे थे। वहीं अन्य विधायक सोमवार को केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर राजधानी पहुंचे। 9 फरवरी 2025 को बीरेन सिंह के इस्तीफे के 4 दिन बाद, 13 फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू किया गया। 12 फरवरी 2026 राष्ट्रपति शासन खत्म हो रहा है। खेमचंद पारंपरिक ताइक्वांडो में 5th डैन ब्लैक बेल्ट पाने वाले भारतीय युमनाम खेमचंद सिंह पारंपरिक ताइक्वांडो में 5th डैन ब्लैक बेल्ट पाने वाले भारतीय भी हैं। उन्हें इसका प्रमाणपत्र 30 दिसंबर 2025 को दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में ग्लोबल ट्रेडिशनल ताइक्वांडो फेडरेशन (GTTF) के ऑफिस में दिया गया था। ताइक्वांडो और अन्य मार्शल आर्ट्स में डैन (Dan) का मतलब होता है ब्लैक बेल्ट के स्तर। ब्लैक बेल्ट मिलने के बाद आगे की सभी रैंक को डैन कहा जाता है। 13 फरवरी 2025: बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद लगा राष्ट्रपति शासन मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच मई 2023 में हिंसा की शुरुआत हुई थी। इसमें अब तक करीब 260 लोगों की मौत हुई है और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं। राज्य में करीब दो साल तक हिंसा न रोक पाने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के नेतृत्व वाली BJP सरकार ने 9 फरवरी 2025 को इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद 60 सदस्यीय विधानसभा को निलंबित कर दिया गया। बीरेन सिंह के इस्तीफे के 4 दिन बाद, 13 फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू किया गया। 12 फरवरी 2026 राष्ट्रपति शासन खत्म होने की आखिरी तारीख है। मणिपुर विधानसभा में BJP के अभी 37 विधायक मणिपुर में भाजपा सरकार का कार्यकाल 2027 तक है। इसलिए पार्टी की कोशिश है कि राष्ट्रपति शासन खत्म होने से पहले नई सरकार का गठन हो जाए। फिलहाल मणिपुर विधानसभा में BJP के 37 विधायक हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को 32 सीटें मिली थीं, जबकि JD(U) के 5 विधायक बाद में BJP में शामिल हो गए। अन्य दलों में NPF के 5, कांग्रेस के 5, KPA के 2, JD(U) का 1 विधायक और 3 निर्दलीय विधायक शामिल हैं। एक सीट मौजूदा विधायक के निधन के कारण खाली है। कुकी-मैतेई समुदाय के बीच हिंसा की 3 मुख्य कारण 1. ST (अनुसूचित जनजाति) दर्जे की मांग: 14 अप्रैल 2023 को मणिपुर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को मैतेई समुदाय के लिए ST का दर्जा देने पर सिफारिश भेजने का निर्देश दिया था। इस आदेश के बाद कुकी समुदाय में आक्रोश फैला और हिंसा भड़की। कुकी पहले से ST श्रेणी में है। उन्हें डर है कि अगर मैतेई को भी ST का दर्जा मिला, तो वे पहाड़ी इलाकों में जमीन खरीद सकेंगे और इससे उनका सांस्कृतिक, सामाजिक और भौगोलिक अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। मणिपुर के इंफाल घाटी में लगभग 10% भूमि क्षेत्र है, जहां मैतेई बहुसंख्यक रहते हैं। बाकी 90% पहाड़ी इलाका कुकी और नगा समुदायों का है। यह क्षेत्र आदिवासी जमीन (Tribal Lands) के अंतर्गत आता है और मैतेई यहां जमीन नहीं खरीद सकते। 2. अलग कुकी प्रशासन की मांग: कुकी समुदाय ‘कुकीलैंड’ या ‘जूमलैंड’ नाम से अलग प्रशासनिक स्वायत्तता की मांग कर रहे हैं । मैतेई समुदाय और राज्य सरकार इस मांग को राज्य की अखंडता के लिए खतरा मानती है। 3. कुकी पर ड्रग्स तस्करी का आरोप: कुकी समुदाय पर म्यांमार से ड्रग्स की तस्करी का आरोप लगता रहा है। सरकार ने भी कुकी पर अवैध अफीम की खेती की तस्करी में शामिल होने का आरोप लगाया, जिससे सरकार के प्रति उनका अविश्वास और बढ़ गया। कुकी का मानना है कि उनके समुदाय को बदनाम करने के लिए ऐसे आरोप लगाए जाते हैं। कुकी समुदाय का आरोप है कि मणिपुर सरकार (पूर्व भाजपा सरकार) मैतेई का पक्ष लेती है। वे सुरक्षाबलों और पुलिस पर भी एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हैं। ——————————- मणिपुर हिंसा से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… मणिपुर में मैतेई शख्स की गोली मारकर हत्या, VIDEO: आदिवासी महिला के साथ अफेयर था; आरोपियों ने पहले बात की, फिर शूट कर दिया मणिपुर- 3 साल पहले गैंगरेप की शिकार युवती की मौत: सदमे में थी; 2023 हिंसा में किडनैपिंग, फिर दरिंदगी हुई, अबतक एक भी गिरफ्तारी नहीं


