दतिया की सिंध नदी में पनडुब्बी से हो रहा रेत का अवैध खनन एक बार फिर सवालों के घेरे में है। हाल ही में एक वीडियो सामने आया है। इसमें पनडुब्बियों से रेत निकलती दिख रही है। वायरल हो रहे ताजा वीडियो में खनन वहीं हो रहा है, जहां 20 सितंबर को उचाड़ सरपंच रेणू मृगेंद्र चतुर्वेदी के इकलौते बेटे किंशुन चतुर्वेदी की मौत हो गई थी। किंशुक मर्चेंट नेवी में ऑफिसर था और खनन से बने गहरे गड्ढे में डूब गया था। वीडियो उसी उचाड़ क्षेत्र का है, जहां सिंध नदी के बीच ऐतिहासिक बारादरी संरचना स्थित है। घाट के सामने स्थित गजापुर के ढिमर डेरा क्षेत्र में अब भी अवैध खनन जारी है। पनडुब्बी से रेत निकाली जा रही है और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की कतारें घाट पर खड़ी देखी गईं। हालांकि यह स्थान ग्वालियर जिले की डबरा तहसील में आता है और प्रशासनिक सीमा पिछोर थाना क्षेत्र की है लेकिन हादसा और अवैध खनन के बीच की कड़ी ने सिस्टम की लापरवाही उजागर कर दी है। जिस जगह एक अधिकारी पुत्र की जान गई, वहीं अब भी रेत का धंधा चलना सीधे तौर पर प्रशासनिक नाकामी है। गौरतलब है कि इससे पहले भी सिंध नदी में डूबने से तीन बालिकाओं की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद घाटों पर सुरक्षा उपाय न के बराबर हैं और खनन माफिया खुलेआम नदी की परतें उधेड़ रहे हैं। दतिया खनिज अधिकारी प्रदीप भूरिया ने बताया कि, जिस जगह खनन हो रहा है। वही ग्वालियर की डबरा सीमा है।


