खुद को जिंदा साबित करने के लिए मंगलवार को एक युवक कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई के साथ ही एसपी ऑफिस पहुंचा। युवक ने अफसरों के सामने कहा… साहब मैं जिंदा हूं, लेकिन सरकार की संबल योजना में मुझे चार साल पहले ही मृत बता दिया गया। इतना ही नहीं मेरे नाम से अंत्येष्टि सहायता राशि 5 हजार रुपए की निकाले गए। मेरी मौत हो चुकी है, इसकी जानकारी मुझे चार दिन पहले तब पता चली, जब पत्नी भारती अहिरवार के प्रसव के बाद संबल योजना के तहत मिलने वाली प्रसूति सहायता के लिए मैं रजिस्ट्रेशन करवाने दुकान पर पहुंचा। दुकानदार ने मेरी समग्र आईडी डालते ही मुझे कहा कि आपकी तो चार साल पहले मौत हो चुकी है। यह सुनते ही मुझे ऐसा लगा मानो पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई हो। मैंने गांव आकर पंचायत के सचिव और सरपंच बताया तो उन्होंने सुधार कराने का आश्वासन दे दिया, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ, इसलिए मैं खुद को जिंदा साबित करने के लिए आज यहां आया हूं। उसने कहा पोर्टल पर मुझे मृत बताने से संबल योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। पीड़ित नरेश अहिरवार ने मांग की कि मुझे जीवित घोषित किया जाए और मृत्यु घोषित करने वाले तत्कालीन सचिव और सरपंच के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। उसका कहना है कि जब से मुझे मौत की जानकारी मिली, इससे मैं मानसिक रूप से तनाव में हूं। मुझ पर और मेरे परिवार पर इसका काफी प्रभाव पड़ा है। बागलखेड़ी पंचायत का है मामला जीवित व्यक्ति को मृत बताने का मामला जिले के माखननगर तहसील के ग्राम बागलखेड़ी का है। पीड़ित नरेश अहिरवार है। नरेश ने बताया मैं मिस्त्री हूं। पत्नी भारती अहिरवार ने 23 नवंबर को बेटे को जन्म दिया है। मेरे पास संबल योजना का कार्ड है। संबल में प्रसूति आर्थिक सहायता राशि देने का प्रावधान है। योजना का लाभ लेने के लिए जब मैंने दुकान पर कार्ड चेक कराया तो ऑनलाइन दिखाया कि जुलाई 2020 मेरी मौत हो चुकी है। 15 जुलाई 2020 को अंत्येष्टि सहायता राशि 5 हजार भी निकल चुकी है। 4 साल पहले मां की मौत, मृतक की जगह हितग्राही का नाम पीड़ित नरेश अहिरवार की मां की चार साल पहले मौत हुई है। अंत्येष्टि सहायता राशि के पत्रक में राशि प्रदान करने वाले हितग्राही की जगह उसकी मृत मां का नाम लिखा है। माखननगर जनपद पंचायत के सीईओ सतीश अग्रवाल ने बताया संबल योजना में कार्डधारी को अंत्येष्टि सहायता राशि दी जाती है। जुलाई 2020 में 38 हितग्राहियों को अंत्येष्टि सहायता राशि 5000-5000 रुपए दी गई थी। आवेदक ने आवेदन किया था। संभवत: त्रुटिवश मृतक के नाम के स्थान पर हितग्राही आवेदक का लिखा गया होगा। एएसपी और सीईओ ने दिए जांच के आदेश जनपद पंचायत माखननगर सीईओ अग्रवाल ने बताया कि युवक नरेश ने शिकायत की है, जिसकी जांच के आदेश मिले हैं। जांच के बाद ही कुछ क्लियर हो पाएगा। एएसपी आशुतोष मिश्र ने बताया युवक को मृत बताकर सहायता राशि निकालने की शिकायत आई है। सोहागपुर एसडीओपी संजू चौहान को जांच के लिए कहा है।


