अजमेर में सोशल मीडिया पर दोस्ती के बाद एक युवक को ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। कोर्ट के आदेश पर हरिभाऊ उपाध्याय नगर थाना पुलिस ने एक युवती सहित 8 लोगों के खिलाफ ब्लैकमेलिंग, धमकी और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पीड़ित युवक का आरोप है कि आरोपियों ने उसे झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देकर लाखों रुपए ऐंठ लिए। इसके बाद भी वे उसे लगातार परेशान कर रहे हैं और अब शादी करने या 10 लाख रुपए देने की मांग कर रहे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। अब 3 पॉइंट में समझिए ब्लैकमेलिंग का पूरा मामला 1. सोशल मीडिया पर युवती से दोस्ती
हरिभाऊ उपाध्याय नगर थाना पुलिस के अनुसार, अगस्त 2022 में सोशल मीडिया के माध्यम से युवक एक युवती से पहचान हुई। इसके बाद, युवती और उसके परिवार ने निवेश और अन्य बहाने बनाकर उससे अलग-अलग तारीखों पर 4-5 लाख रुपए लिए, जिसमें ऑनलाइन लेनदेन भी शामिल थे। उसे कई बार बीकानेर बुलाया गया, जहां युवती, उसके परिवार और पुरुष मित्रों ने मिलकर उससे रुपयों की मांग की। रकम न देने पर उसे झूठे मुकदमों में फंसाने और बदनाम करने की धमकी दी गई, साथ ही उस पर शादी करने का दबाव भी बनाया गया। 2. शादी करने का दबाव बनाया
पुलिस के अनुसार, फरवरी 2023 में, युवती अजमेर आई और उस पर 10 लाख रुपए देने या शादी करने का दबाव बनाया। एक सहमति पत्र भी बनवाया गया, लेकिन इसके बाद भी धमकियांर और रुपयों की मांग जारी रही। जून 2023 में, पुष्कर में उसके परिवार से कथित तौर पर 2.90 लाख रुपए नकद लिए गए, जिसका वीडियो होने का भी दावा किया गया है। 3. आत्महत्या जैसे फर्जी वीडियो बनाकर भेजे
पुलिस के अनुसार, युवक ने आरोप लगाया कि युवती ने उसे आत्महत्या जैसे फर्जी वीडियो बनाकर भेजे और उन्हें उसके खिलाफ इस्तेमाल करने की धमकी दी, जिससे वह मानसिक दबाव में रहा। पुलिस अधिकारियों को शिकायत देने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर उसने न्यायालय की शरण ली, जिसके बाद मुकदमा दर्ज किया गया।


