बाड़मेर में बेरोजगार युवा सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरे व प्रतियोगी परीक्षाओं में हुए घोटालों की सीबीआई जांच करवाने और रोस्टर प्रणाली लागू करने की मांग की। मंगलवार काे युवाओं ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया और पिछले 8-10 साल से हो रहे धोखे को लेकर कांग्रेस-भाजपा दोनों सरकारों के खिलाफ आक्रोश जताया। इस दौरान कांग्रेसी नेता शामिल हुए, लेकिन भाजपा का कोई नेता नहीं आया। युवाओं ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि दिन रात मेहनत, कोचिंग और लाइब्रेरी में रात 1-1 बजे पढ़ने वाले युवा निराश है। युवाओं का आरोप था कि अब तो ओएमआर शीट भी बदली जा रही है। गरीब युवाओं के साथ खिलवाड़ सालों से चल रहा है। लेकिन पकड़ा कोई नहीं जाता है। सिर्फ वोट बैंक की राजनीति तक ही सीमित रह जाती है। युवाओं ने नारेबाजी करते हुए सरकार के खिलाफ आक्रोश जताते हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कलेक्ट्रेट पर भारी पुलिस जाब्ता तैनात रहा। कलेक्ट्रेट घेराव के दौरान युवाओं के हाथों में नारे लिखी तख्तियां थी। इन पर लिखा था- रोस्टर का पूर्ण संधारण करो, अधीनस्थ बोर्ड व आरपीएससी भंग करो, हमारी उम्मीदों से खिलवाड़ बंद करो, चतुर्थ श्रेणी भर्ती परिणाम की सीबीआई जांच करो, हम हमारा हक मांगते, बेरोजगारों के साथ अत्याचार बंद करो, पर्ची-खर्ची बंद करो, ओएमआर की जांच करो। हरीश चौधरी ने कहा; बाड़मेर व शिव विधायक क्यों नहीं आए कांग्रेस नेता हरीश चौधरी ने धरने पर कहा कि सही रोस्टर प्रणाली लागू नहीं हो तब तक युवाओं को संघर्ष करना पड़ेगा। ओएमआर शीट घोटाला, पेपर लीक, इंटरव्यू में गड़बड़झाला, सेंटर पर नकल करवाना ही पूरी सच्चाई नहीं है। कई प्रकार के प्रहार युवाओं के भविष्य पर किए है। ओएमआर शीट में घोटाले का खुलासा हो चुका है, नाम सार्वजनिक हो चुके है, लेकिन 10 दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी क्यों नहीं हो रही? आरपीएससी की भूमिका संदिग्ध थी, लेकिन अब तो यह साफ हो गया है कि आरपीएससी चैयरमैन, उसके सदस्य भर्तियों में फर्जीवाड़ा करते थे तो पूरी आरपीएससी को भंग क्यों नहीं दिया जा रहा है। बड़े लोगों को गिरफ्तार करने के मुख्यमंत्री दावे कर रहे थे, लेकिन आज दिन तक वो बड़े लोग पकड़े क्यों नहीं गए? चौधरी ने कहा कि बाड़मेर और शिव विधायक पर तो कोई दबाव नहीं था, उन्हें कौन रोक रहा है? पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी ने कहा कि युवाओं के साथ सालों से धोखा हो रहा है। जब परीक्षा होती तो पेपर लीक हो जाता है या फिर ओएमआर, इंटरव्यू के नाम घोटाला कर लोग फर्जी लाेग नौकरी लग जाते हैं और मेहनत करने वाला युवा रह जाता है। हमारी सरकार में भी घोटाले हुए, इसलिए तो जनता ने हमें हराया है। अब भाजपा सरकार तो उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं करती है। सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने कहा कि युवाओं की आवाज को लोकसभा में उठाया जाएगा। पूर्व विधायक पदमाराम मेघवाल,पूर्व जिला प्रमुख जिला प्रमुख महेंद्र चौधरी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष लक्ष्मण गोदारा, आजादसिंह राठौड़, राजेंद्र कड़वासरा सहित कई नेताओं ने संबोधित किया। युवाओं की सरकार से ये प्रमुख मांगें 1. रोस्टर रजिस्टर का पूर्ण संधारण करते हुए एलडीसी व चतुर्थ श्रेणी भर्ती में आरक्षित वर्गों के पदों का वर्गीकरण आरक्षण प्रतिशत के अनुसार कर पुन: विज्ञप्ति जारी की जाए।
2. ओएमआर शीट घोटाला व चतुर्थ श्रेणी भर्ती परीक्षा के परिणाम समेत 2018 से 2025 तक हुई भर्तियों की जांच सीबीआई से करवाई जाए।
3. आरपीएससी और आरएसएसबी बोर्ड को भंग हो।
4. एक भर्ती एक पेपर नॉर्मलाइजेशन को रद्द किया जाए। एक भर्ती एक पेपर लागू हो।
5. बाहरी राज्यों को 5 फीसदी कोटा ही हो। मूल निवासियों के रोजगार हितों का संरक्षण प्राथमिकता से किया जाए।


