साहित्य के महाकुंभ ‘जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल’ (JLF) के प्रतिष्ठित मंच पर इस बार सृजन और स्मृति का अनूठा संगम देखने को मिला। यहां युवा कवि विजय राही को ‘सविता माली आर्ट इनोवेशन’ के युवा साहित्य लेखन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार जोधपुर की स्वर्गीय चित्रकार सविता माली की स्मृति में शुरू किया गया है। पुरस्कार के तहत विजय राही को अभिनंदन पत्र के साथ नकद सम्मान राशि भेंट की गई। संस्था के संस्थापक भारत माली ने बताया कि इस पुरस्कार का उद्देश्य लिटरेचर, ड्राइंग और म्यूजिक के क्षेत्र में उभरती हुई प्रतिभाओं को बड़े मंच पर पहचान दिलाना है। कला-मर्मज्ञ पत्नी की याद में शुरू की भावुक मुहिम इस सम्मान के पीछे एक बेहद भावुक कहानी है। संस्थापक भारत माली ने बताया, “सविता माली स्वयं एक बेहतरीन चित्रकार और स्केच आर्टिस्ट थीं, जो आर्ट फील्ड में बहुत एक्टिव रहती थीं। वे अपनी कूँची और कल्पनाओं के रंगों से कैनवास को जीवंत कर देती थीं। उनके बनाए स्केच ऐसे लगते थे मानो कागज पर साँसें ले रहे हों।” सविता माली के पति भारत माली ने बताया, “सविता माली स्वयं एक चित्रकार थीं और आर्ट फील्ड में बहुत एक्टिव रहती थीं। उनकी स्मृति में हमने सविता माली आर्ट इनोवेशन अवार्ड शुरू किया है।” साल में चार बार दिया जाता है सम्मान सविता माली आर्ट इनोवेशन के तहत वर्ष में चार बार विभिन्न कलाविदों को सम्मानित करने का संकल्प लिया गया है। अब तक का सफर इस प्रकार रहा है: पहला पुरस्कार: पिंकफेस्ट-2025 में दिया गया। दूसरा पुरस्कार: जून 2025 में कला क्षेत्र में नवाचार के लिए निफ्ट, जोधपुर की छात्रा साक्षी नेगी को प्रदान किया गया। तीसरा पुरस्कार: हाल ही में संपन्न रिफ जोधपुर में संगीत और कला के क्षेत्र में दिया गया। चौथा पुरस्कार: जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में साहित्य के क्षेत्र में विजय राही को यह चौथा सम्मान दिया गया है। उद्देश्य: बड़े मंच से मिले नई उड़ान भारत माली, जो सविता माली आर्ट इनोवेशन वार्षिक पुरस्कार के संस्थापक हैं, ने बताया कि इस मुहिम का मकसद न केवल अनुभवी लोगों का सम्मान करना है, बल्कि नई प्रतिभाओं को एक बड़े मंच से सम्मानित कर उन्हें आगे बढ़ने का हौसला देना है। उन्होंने कहा, “सविता जी अब हमारे बीच नहीं हैं, पर अपनी कला और इस पुरस्कार के रूप में वह हम सबके बीच हमेशा जिंदा रहेंगीं”। जेएलएफ में सम्मानित राही, अनूठी शैली के लिए पहचान विजय राही हिंदी साहित्य जगत का एक उभरता हुआ और सशक्त नाम हैं। वे वर्तमान में राजस्थान कॉलेज शिक्षा विभाग में हिंदी के सहायक आचार्य के पद पर कार्यरत हैं। चयन समिति ने माना कि विजय अपनी अलग और अनूठी काव्य शैली के लिए जाने जाते हैं। उनकी कविताओं में सरलता के साथ-साथ गहरा भाव-बोध अनुभूत किया जा सकता है। उनकी रचनाएँ देश की कई प्रतिष्ठित साहित्यिक पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रही हैं और उनमें समकालीन समाज की संवेदनाओं व जीवन के यथार्थ का गहरा प्रतिबिंब देखने को मिलता है।


