यूक्रेन ने दावा किया है कि रूसी अटैक ड्रोन्स में उसे भारत में बनाए गए पुर्जे मिले हैं। यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की के चीफ ऑफ स्टाफ एंड्री यरमक ने कहा कि रूस को विदेशी पुर्जों की आपूर्ति रुकनी चाहिए, ताकि वो इनका इस्तेमाल यूक्रेनियों की जान लेने में न कर पाए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूस ने जुलाई में यूक्रेन पर 6,000 से ज्यादा ड्रोन हमले किए थे। यह 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद से अबतक के सबसे ज्यादा ड्रोन अटैक थे। इन हमलों में दर्जनों लोग मारे गए और कई घायल हुए। इसके साथ ही कई घरों, किंडरगार्टन और एक एम्बुलेंस सहित मिलिट्री ठिकानों को भी नुकसान पहुंचा था। एंड्री यरमक ने यह दावा ऐसे वक्त पर किया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प भारत पर आरोप लगा रहे हैं कि भारत रूसी ऑयल खरीदकर रूस की मदद कर रहा है, जिससे उसे यूक्रेन के खिलाफ युद्ध जारी रखने में मदद मिल रही है। इस महीने भी रूस के ड्रोन अटैक जारी इस महीने भी रूस की तरफ से लगातार यूक्रेन पर मिसाइल और ड्रोन हमले जारी हैं। यूक्रेनी वायुसेना के मुताबिक शनिवार रात 2 अगस्त को रूस ने 76 ड्रोन और 7 मिसाइलें दागीं थीं। इनमें से 60 ड्रोन और 1 मिसाइल को मार गिराया गया। बाकी 16 ड्रोन और 6 मिसाइलें आठ अलग-अलग जगहों पर गिरीं। इससे पहले 31 जुलाई को रूसी ड्रोन और मिसाइल हमले में यूक्रेन के 31 लोग मारे गए थे। इनमें 5 बच्चे शामिल थे, जबकि 150 से ज्यादा घायल हुए थे।
यूक्रेन ने भी रूस पर ड्रोन अटैक किए वहीं, यूक्रेन ने रविवार को रूस के सोची स्थित एक ऑयल डिपो पर ड्रोन से हमला किया। हमले के बाद डिपो में भीषण आग लग गई। क्रास्नोडार क्षेत्र के गवर्नर वेनियामिन कोंद्रात्येव ने बताया कि ड्रोन के मलबे के तेल टैंक से टकराने के बाद आग लगी, जिसे बुझाने के लिए 120 से ज्यादा दमकलकर्मी लगाए गए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में डिपो से उठते काले धुएं के गुबार देखे जा सकते हैं। हमले के बाद रूस की नागरिक उड्डयन एजेंसी रोसावियात्सिया ने कुछ समय के लिए सोची एयरपोर्ट पर उड़ानें रोक दीं। इस दौरान 2 रशियन लड़कियां विस्फोट के साथ वीडियो बनाते हुए भी नजर आईं। दोनों के साथ बैकग्राउंड में एक युवक भी मौजूद था।


