यूजी में छात्र घटे तो फिर दिया पंजीयन का मौका पर आखिरी तारीख से दो दिन पहले ही बंद किया

यूजी फर्स्ट सेमेस्टर की परीक्षा के लिए इस बार करीब 8 हजार प्राइवेट छात्रों ने आवेदन किया है। पिछली बार की तुलना में छात्रों की संख्या कम है। इस वजह से रविवि ने छात्रों को फिर से पंजीयन का मौका दिया। 30 सितंबर से 6 अक्टूबर तक रजिस्ट्रेशन होना था। लेकिन आखिरी तारीख के दो दिन पहले ही बगैर सूचना के विश्वविद्यालय ने ऑनलाइन पंजीयन की प्रक्रिया को बंद कर दिया। अंतिम दिन सोमवार को कई छात्र फॉर्म भरने के लिए भटकते रहे। कॉलेजों ने जब इसकी जानकारी विवि से ली तब पता चला कि दो दिन पहले से यह प्रक्रिया बंद कर दी गई है। उधर, यह बात सामने आई कि पहले प्राइवेट छात्रों के रजिस्ट्रेशन के लिए आखिरी तारीख 31 अगस्त थी। 30 सितंबर यानी एक महीने बाद विवि ने पंजीयन की प्रक्रिया फिर शुरू की। इसे लेकर उच्च शिक्षा की आपत्ति आई। इसके बाद विवि ने दो दिन पहले ही रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को रोक दिया। इधर, यूजी में पिछले साल से राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) लागू हुई है। इसकी वजह से प्राइवेट छात्रों के लिए पंजीयन अनिवार्य किया गया है। इसके बाद ही वे आवेदन कर पाएंगे। इसी तरह से कई अन्य प्रावधान किए गए है, जिसकी कारण प्राइवेट छात्रों की संख्या कम हो रही है। पिछली बार करीब 11 हजार स्वाध्यायी (प्राइवेट) छात्रों ने आवेदन किया था। इसके पहले जब यूजी फर्स्ट ईयर की परीक्षा एनुअल पैटर्न से होती थी तब बड़ी संख्या में प्राइवेट छात्र आवेदन करते थे।

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