यूनियन कार्बाइड के कचरे का पीथमपुर से दिल्ली तक विरोध:सीएम बोले- इस पर राजनीति न करें; मंत्री विजयवर्गीय की विरोध कर रहे लोगों से मीटिंग

भोपाल की यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री का जहरीला कचरा नष्ट करने के लिए पीथमपुर लाया गया है। जिसे रामकी एनवायरो कंपनी में नष्ट किया जाएगा। इसे लेकर पीथमपुर से दिल्ली तक विरोध प्रदर्शन हो रहा है। पीथमपुर में लोगों और विभिन्न संगठनों ने कचरा यहां जलाए जाने के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। करीब 40 युवा तो अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। इधर, पीथमपुर बचाओ समिति ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। 3 जनवरी को पीथमपुर बंद का ऐलान किया गया है। स्थानीय नेताओं बंद के समर्थन के लिए घर-घर जाकर लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की है। इधर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाने का विरोध करने वाले लोगों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संगठनों के साथ बैठक की है। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि मेरी सीएम से बात हुई है। सरकार जवाबदेही से काम कर रही हैं। इधर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस मुद्दे पर पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन से मुलाकात की। जीतू पटवारी ने कहा कि मेरा सीएम डॉ. मोहन यादव जी से फिर अनुरोध है कि पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाने से रोका जाए, इससे आने वाली कई पीढ़ियां प्रभावित होंगी। सीएम बोले- यूनियन कार्बाइड के कचरे पर राजनीति न करें
इससे पहले सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सारे सुझावों के बाद हमने भोपाल से यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा पीथमपुर भिजवाया है। इस घटना को 40 साल हो चुके हैं। ऐसे में स्वाभाविक रूप से कई सारी आशंकाओं का अपने आप में उत्तर मिल जाता है। इसलिए इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा- हमें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि इस कचरे के निपटान को लेकर गहन परीक्षण किए गए हैं। सारी रिपोर्ट्स में यह बात सामने आई कि इस कचरे के निपटान से वातावरण में किसी प्रकार का नुकसान स्पष्ट नहीं हुआ है। सुप्रीम कोर्ट ने सभी रिपोर्ट्स के गहन परीक्षण के बाद ही आगे बढ़ाने और इस कचरे को नष्ट करने के लिए निर्देशित किया। यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाने के विरोध की 5 तस्वीरें ​​​​​​​​​​​​​​यूनियन कार्बाइड का 337 मीट्रिक टन रासायनिक कचरा पीथमपुर लाया गया 337 मीट्रिक टन रासायनिक कचरे से भरे 12 कंटेनर बुधवार रात 9 बजे भोपाल से पीथमपुर के लिए रवाना किए गए थे। कड़ी सुरक्षा के बीच सभी कंटेनर सुबह 4.20 बजे पीथमपुर के आशापुरा स्थित रामकी फैक्ट्री पहुंचे। यहां कचरे का निष्पादन किया जाएगा। इसका विरोध तभी से शुरू हो गया था, जब इसके निष्पादन का काम रामकी एनवायरो को सौंपा गया था।

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