कानपुर में एक ट्रांसपोर्टर ने कोरियर कंपनी की आड़ में सेक्स रैकेट चल रहा था। इसमें 12 से अधिक लोग शामिल हैं, जिनका नेटवर्क कानपुर से दिल्ली तक फैला हुआ है। बताया गया कि व्हाट्सऐप और टेलीग्राम के जरिए डिमांड आने पर शहर की भोली-भाली लड़कियों को बाहर भेजा जाता है। यह मामला कोहना थाना क्षेत्र का है। पढ़िए पूरी खबर गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में चोरी करने का आरोपी अरेस्ट: ओएसटी से नशा छुड़ाने वाली गोलियां उड़ाई थीं, दस्तावेज जला दिया था गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग विभाग की ओपीडी और नशामुक्ति केंद्र (ओएसएसटी) में हुई चोरी और आगजनी की वारदात का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। गुलरिहा पुलिस ने राजघाट क्षेत्र के तुर्कमानपुर निवासी रहमान अली को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी के पास से नशे की लत छुड़ाने में इस्तेमाल होने वाली 9,400 गोलियां और चोरी किया गया एक लैपटॉप बरामद हुआ है। शुक्रवार को पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में प्रस्तुत किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने वारदात के दौरान ओपीडी और नशामुक्ति केंद्र में मौजूद दवाओं और उपकरणों को निशाना बनाया था। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। पढ़िए पूरी खबर… आजमगढ़ के युवक ने पानीपत में पत्नी को मारी गोली: डेडबॉडी ठिकाने लगाने जा रहा था, लोगों के पहुंचने पर शव छोड़कर भागा आजमगढ़ के अहिरौला थाना क्षेत्र के रूपाईपुर गांव के रहने वाले राजीव यादव ने पानीपत में अपनी पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी। उसके बाद डेड बॉडी को ठिकाने लगाने जा रहा था। तभी मौके पर कुछ लोग आ गए। पकड़े जाने के डर से वह डेडबॉडी छोड़कर मौके से फरार हो गया। घटना 24 नवंबर की है। पढ़िए पूरी खबर… हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी: सरकारी कर्मचारी सिर्फ तनख्वाह के लिए नहीं, देश निर्माण की ज़िम्मेदारी भी निभाए
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सरकारी कर्मचारियों की ज़िम्मेदारी को बेहद ऊँचा बताते हुए कहा है कि सरकारी नौकरी सिर्फ़ वेतन कमाने का साधन नहीं है, बल्कि यह देश को दिशा देने और व्यवस्था को मजबूत बनाने का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कोर्ट ने कहा कि सरकारी विभागों में तेजी से बढ़ रहे भ्रष्टाचार को रोकने के लिए आवश्यक है कि सेवानिवृत्त अधिकारियों को किसी भी तरह की छूट न दी जाए। हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जनता और उनके नुमाइंदों को यह अधिकार होना चाहिए कि वे किसी भी सरकारी कर्मचारी (चाहे वह नौकरी में हो या रिटायर) की सरकारी कामकाज में की गई लापरवाही की जानकारी दे सकें। अदालत के मुताबिक पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने का यह तरीका ही प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत कर सकता है।


