उत्तर प्रदेश में रात में पारे का गिरना जारी है। शनिवार को कानपुर शहर में रात का पारा लुढ़क कर 5 डिग्री तक पहुंच गया। यह सामान्य से 6 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज हुआ। वहीं इटावा और मुजफ्फर नगर में न्यूनतम पारा 5.8 डिग्री तक आ गिरा। माैसम विभाग का कहना है कि शनिवार से प्रदेश में हवाओं का रुख बदल गया है। यह हवाएं अरब सागर से नमी लेकर यूपी में प्रवेश कर रही है। इसके असर से यूपी में दोबारा पारे में उतार चढ़ाव देखने को मिलेगा। अब बढ़ेगा रात का पारा आंचलिक माैसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने कहा- पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हवा की दिशा बदलने से इन नमीयुक्त हवाओं के असर से अगले तीन चार दिनों में रात के पारे में 3 से 4 डिग्री की तात्कालिक बढ़त देखने को मिलेगी। कोहरा हल्के से मध्यम ही रहेगा, कहीं घने कोहरे का अलर्ट नहीं है। 3 तस्वीरें देखिए…. पहाड़ों में भी बढ़ी सर्दी
मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार दिसंबर की शुरुआत के साथ ही उत्तर भारत के मौसम में तेज बदलाव दर्ज किया जा रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में जहां बर्फबारी की संभावना बढ़ी है, वहीं मैदानी राज्यों में कड़ाके की ठंड और कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और कई चक्रवाती प्रसार अगले दिनों में मौसम को और अधिक परिवर्तित कर सकते हैं। ठंड में पाले से फसलों को भारी नुकसान का खतरा
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉक्टर के एस यादव बताते हैं कि दिसंबर महीने के अंत में या फरवरी महीने की शुरुआत में सबसे अधिक पाला पड़ने की संभावना होती है। जब पाला पड़ता है तो उसके लिए जो ओस की बूंद होती है।पेड़ों का पानी होता है। तापमान कम होने पर बर्फ के रूप में परिवर्तित हो जाता है। जिससे पौधे की कोशिकाएं फट जाती है जिसकी वजह से फसल को नुकसान होता है। दूसरा किसान भाई अगर आपकी फसल में स्प्रिंकलर से या सीधा पाइप के माध्यम से खेत की सिंचाई कर देते हैं तो इसे अंदर का तापमान गर्म हो जाता है फिर पाला का असर नहीं होता है। इसमें सब्जी छोटी पौधों और चना मसूर की फसल का बचाव होता है। कृषि वैज्ञानिक के अनुसार जब तापमान अपने न्यूनतम स्तर पर पहुंच जाता है। दिसंबर के अंत में पाला पड़ने की आशंका


