भास्कर संवाददाता| राजगढ़ रबी सीजन के दौर में इन दिनों किसानों की सबसे महत्वपूर्ण जरूरत यूरिया बन गया है। शहर में खाद वितरण व्यवस्था को संभालने के लिए टोकन, बैरिकेडिंग और पुलिस तैनाती तक करनी पड़ रही है। बढ़ती किसानों की भीड़ ये संकेत है कि किसान यूरिया की आपूर्ति को लेकर धैर्य में नहीं है। वे चाहते हैं कि उन्हें यूरिया एक मुश्त पूरी जरूरत के मुताबिक मिल जाए, आशंकित हैं कि उन्हे बाद में यूरिया मिले या न मिले। शहर के डबल लॉक खाद वितरण केंद्र से किसानों को नगद भुगतान पर यूरिया दिया जा रहा है। इसके लिए टोकन प्रणाली लागू की गई है। टोकन प्रतिदिन सुबह कृषि उपज उप मंडी समिति कार्यालय से वितरित किए जा रहे हैं, टोकन वितरण के बाद डबल लॉक केंद्र से सुबह से शाम तक खाद वितरण किया जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से टोकन लेने के लिए किसानों की संख्या अचानक बढ़ गई है, जिससे केंद्र के बाहर अव्यवस्था की स्थिति बनने लगी थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने उप मंडी में बैरिकेडिंग करवाई है, ताकि किसान कतारबद्ध तरीके से टोकन ले सकें और किसी तरह का हंगामा न हो। व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की भी तैनाती की गई है। किसानों का तर्क-यूरिया नहीं मिला तो प्रभावित होगी पैदावार : उप मंडी में टोकन लेने आए किसान घीसालाल सौंधिया और रामनारायण तंवर ने कहा- फसल की बढ़वार के इस समय यूरिया नहीं मिलने पर पैदावारी प्रभावित हो सकती है। यही वजह है कि किसान समय रहते पर्याप्त मात्रा में यूरिया खरीद लेना चाहते हैं।


