यूरिया खाद देना था उदयपुर वालों को दिया चित्तौड़ को:कृषि विभाग ने फतहनगर में विक्रेता का लाईसेंस निलंबित किया, आधार से आया पकड़ में

यूरिया खाद की अनियमित बिक्री, कालाबाजारी एवं अनियमितताओं के खिलाफ कृषि विभाग ने बुधवार को उर्वरक नियंत्रण आदेश के प्रावधानों का गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर एक और विक्रेता का लाईसेंस निलंबित कर दिया। कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक सुधीर कुमार वर्मा ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा सख्त कदम उठाते हुए मावली तहसील के फतहनगर स्थित एक खुदरा उर्वरक विक्रेता का प्राधिकार पत्र (लाइसेंस) तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन्होंने बताया कि मैसर्स कृष्णा सीड्स, फतहनगर (मावली) ने अक्टूबर महीने के दौरान उदयपुर जिले के अधिकार क्षेत्र से बाहर अनियमित एवं अनियंत्रित रूप से यूरिया उर्वरक का विक्रय एवं व्यवसाय किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि​ विक्रेता को लाईसेंस उदयपुर जिले का दे रखा लेकिन उसने कुछ बैग चित्तौड़गढ़ जिले में बेच दिया। इसमें करीब 90 बैग आ रहे है और इनकी संख्या बढ़ भी सकती है क्योंकि अभी जांच जारी है। वर्मा ने बताया कि जिनको यूरिया खाद दिया उनके आधार नंबर से पकड़ में आया। आधार नंबर चित्तौड़गढ़ जिले के थे। उन्होंने बताया कि यह कृत्य उर्वरक नियंत्रण आदेश- 1985 में निहित प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है। ऐसे में जांच प्रक्रियाधीन होने के चलते विभाग ने फर्म को प्रदत्त खुदरा उर्वरक प्राधिकार पत्र को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। संयुक्त निदेशक वर्मा ने कहा कि यूरिया की कालाबाजारी अथवा निर्धारित नियमों के विपरीत उर्वरक के भंडारण व विक्रय को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिले में अब तक 5 लाइसेंस निरस्त, 9 लाईसेंस निलंबित एवं 1 प्रकरण में थाने में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। आगे भी ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। खाद की कालाबाज़ारी रोकने को लेकर सौंपा ज्ञापन
इधर, कोटड़ा क्षेत्र में खाद की कमी और कालाबाज़ारी को लेकर किसानों में बढ़ती परेशानी के बीच ब्लॉक कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने उपखंड कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। ब्लॉक अध्यक्ष रायसाराम खेर की अगुवाई में कार्यकर्ता उपखंड कार्यालय पहुंचे, जहां तहसीलदार लालाराम मीणा को ज्ञापन सौंपा गया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बताया कि किसानों को खाद की सख्त जरूरत है लेकिन उपलब्धता कम होने के कारण किसानों को खाद नहीं मिल पा रही। इससे फसलें खराब होने की नौबत आ गई है।
मांडवा, मामेर, जुड़ा, बिकरणी आदि क्षेत्रों से किसान रोजाना कोटड़ा मुख्यालय पर खाद लेने पहुंचते हैं, लेकिन खाद न मिलने से उन्हें मायूस लौटना पड़ रहा है। ज्ञापन देने के दौरान कमला शंकर खेर, सवजीराम, चुनीलाल, गुलाब सिंह सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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