राजस्थान में यूरिया के लिए किसान राेज सुबह से लंबी लाइन में लग रहे हैं। फिर भी ये मालूम नहीं कि यूरिया मिलेगा या नहीं? पूरा दिन लग रहा है। कई किसान रोज आ रहे हैं, लेकिन यूरिया की कमी के कारण मायूस लौटना पड़ रहा है। दैनिक भास्कर ने बुधवार को बांसवाड़ा और सवाई माधोपुर में यूरिया के लिए लाइन में लगे किसानों से बात की। किसानों ने कहा- किस्मत की बात है यूरिया मिल जाए तो मिल जाए, नहीं तो निराश लौटना पड़ेगा। आज भी लगता है लौटना पड़ेगा, क्योंकि कट्टे कम आए हैं और किसान लगातार पहुंच रहे हैं। 10-10 घंटे लाइन में लगने पर यूरिया मिल रहा है। यूरिया की कमी को लेकर यह ग्राउंड रिपोर्ट सवाई माधोपुर और बांसवाड़ा से है। सवाई माधोपुर से 55 किमी दूर बालेर और बांसवाड़ा से 15 किमी दूर घलकिया में एक जैसी स्थिति है। सुबह 7-8 बजे से किसानों की 200 से 400 मीटर लंबी लाइन लग गई। किसानी छोड़ के लोग यहां यूरिया का इंतजाम करने आए हैं। यहां भीड़ बढ़ने लगी तो पुलिस को तैनात किया गया। पुलिस की मौजूदगी में यूरिया का वितरण किया गया। पढ़िए लाइन में लगे किसानों की जुबानी यूरिया की कमी की कहानी…. लोकेशन: घलकिया (बांसवाड़ा) 10 की जरूरत, 2 ही मिल रहे
ग्राम सेवा सहकारी समिति लि. के बाहर खड़े किसान राजू सेवक बताते हैं- 10 बोरी की जरूरत है। यहां एक राशन कार्ड पर 2 ही मिल रही हैं। फसलें कैसे बचा पाएंगे। ये तो किस्मत की बात ही लगती है कि यूरिया मिल भी जाए। मुझे लगता नहीं है कि आज भी मिल पाएगा। लोग तो लगातार आए जा रहे हैं। वहीं एक अन्य किसान केसरीमल ने कहा- सुबह 8 बजे से लाइन में लगा हूं। लगता है कि यूरिया नहीं मिल पाएगा। मेरी सरकार से गुजारिश है कि इस किल्लत को जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि समय पर हमें यूरिया मिले और फसलों को दे पाएं। किसान बताते हैं- सुबह से ही इस आस में खड़े हैं कि हमें अपनी फसल के लिए खाद मिल जाएगा। लेकिन खाद की कम मात्रा और लोगों की भारी तादाद को देखते हुए आधे लोगों को भी खाद मिलना मुश्किल लग रहा है। इतनी भीड़ आई कि पुलिस बुलानी पड़ी
इधर, सहकारी समिति प्रबंधन द्वारा यूरिया के साथ नैनो खाद की बोतल भी अनिवार्य रूप से दी जा रही है। व्यवस्था के अनुसार प्रत्येक किसान को दो बोरी खाद पर एक नैनो खाद का वितरण किया जा रहा है। वहीं मंगलवार को भी खाद वितरण के लिए सहकारी समिति खोली गई थी। लेकिन लोगों की भीड़ पहुंचने से पुलिस बुलानी पड़ी और वितरण नहीं हो पाया। बुधवार सुबह फिर से वितरण शुरू किया गया। 900 बोरी खाद ही उपलब्ध
सहकारी समिति व्यवस्थापक राजकुमार ने बताया कि सुबह से ही किसानों की भारी भीड़ जमा हो गई। वर्तमान में केवल 900 बोरी खाद ही उपलब्ध हुआ है, जबकि मांग करने वाले किसानों की संख्या इससे कहीं अधिक है। उन्होंने कहा कि विभाग को और खाद की डिमांड भेज रखी है। स्टॉक आने पर ही बाकी किसानों को वितरण किया जा सकेगा। फिलहाल सीमित स्टॉक के कारण कई किसानों को बिना खाद के ही वापस जाना पड़ेगा। कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक दलीप सिंह से जिले में हो रही ऐसी स्थिति के बारे में पूछा तो उन्होंने शाम को पूरे जिले के आंकड़े उपलब्ध करवाना बताया। लोकेशन: बालेर (सवाई माधोपुर) पुलिस की मौजूदगी में यूरिया दिया
सवाई माधोपुर के बालेर में बुधवार सुबह खाद आने की सूचना पर भीड़ जमा हो गई। इस कारण बहरावंडा कला पुलिस की मौजूदगी में खाद का वितरण किया गया। यहां किसान खेतीबाड़ी का कामकाज छोड़ सुबह जल्दी ही खाद लेने पहुंच गए थे। इस दौरान बहरावंडा कला पुलिस के ASI मीठालाल मीना, मुकेश कुमार कॉन्स्टेबल मौके पर मौजूद रहे। कृषि पर्यवेक्षक नारायण लाल जाट ने बताया कि मंगलवार, बुधवार को भी यूरिया उचित मूल्य पर यूरिया खाद का वितरण किया गया। फिलहाल कालाबाजारी से किसानों को राहत मिल रही है। लोकेशन: चित्तौड़गढ़ शहर किसान के विरोध पर दुकानदार बोला- सर्वर डाउन है
चित्तौड़गढ़ शहर में खाद की भारी किल्लत को लेकर किसानों का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। जिलेभर से आए किसान अलसुबह से लाइनों में लगे रहे, लेकिन शाम तक उनका नंबर नहीं आया। किसानों का आरोप है कि खुलेआम कालाबाजारी हो रही है। सरकारी कृषि समिति में खाद का एक कट्टा 266 रुपए में मिलता है, लेकिन यहां 2 कट्टों के लिए 930 रुपए लिए जा रहे हैं। एक कट्टे के लिए भी 450 रुपए लिए जा रहे हैं। किसान सुबह से सेंती स्थित दीर्घ इंटरप्राइजेज की दुकान के बाहर लाइन में खड़े रहे, लेकिन उन्हें समय पर खाद नहीं मिली। विरोध को देखते हुए दुकानदार ने सर्वर डाउन होने की बात कहकर दुकान बंद कर दी। सूचना पर कृषि विभाग के 2 अधिकारी मौके पर पहुंचे। उनके पहुंचते ही दुकानदार ने दुकान खोली। उसके बाद अधिकारी के कहने पर ऑफलाइन ही खाद देने की कार्रवाई शुरू हुई। अधिकारियों ने दुकानदार को पर्ची देने और ज्यादा रुपए नहीं वसूलने की हिदायत दी। पूरी खबर पढ़िए


