पुलिसिंग के लिहाज से अब रायपुर नगर निगम में शामिल सड्डू की स्वर्णभूमि सोसायटी, सफायर ग्रीन, अविनाश कैपिटल होम, कैपिटल सिटी समेत एक दर्जन से अधिक पॉश कॉलोनियां रायपुर ग्रामीण का हिस्सा होंगी। इसका कारण यह है कि ये इलाके विधानसभा थाना क्षेत्र में आते हैं, जो बंटवारे में देहात में चले गए। वहीं, मुजगहन थाना क्षेत्र के 20 गांव और आमानाका थाना क्षेत्र के तीन गांव पुलिस कमिश्नरी सिस्टम में शामिल होंगे, जबकि इन क्षेत्रों में अभी ग्राम पंचायत व्यवस्था लागू है। गृह विभाग ने 21 दिनों बाद पुलिस कमिश्नरी सिस्टम का नोटिफिकेशन जारी किया है। इसमें उल्लेख किया गया है कि रायपुर–बीरगांव नगर निगम क्षेत्र के 21 थानों में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू होगा। वहीं उरला के 9 गांवों को पंचायत क्षेत्र बताकर अलग कर दिया गया है, जिसे लेकर विरोध भी शुरू हो गया है। मुजगहन क्षेत्र के ग्रामीण नगर निगम में शामिल नहीं होना चाहते हैं। उन्हें आशंका है कि भविष्य में उनके इलाके को नगर निगम में शामिल कर लिया जाएगा। वे पंचायत व्यवस्था में ही बने रहना चाहते हैं। इसे लेकर जल्द ही वहां के रहवासी कलेक्टर से मुलाकात करेंगे। उद्योग, खदान और कोल यार्ड के आधार पर किया गया बंटवारा उरला और सिलतरा औद्योगिक इलाके हैं। अधिकांश बड़े उद्योग सिलतरा, धरसींवा और तिल्दा-नेवरा क्षेत्र में स्थित हैं। वहीं रेत, मुरुम, गिट्टी सहित अन्य खदानें खरोरा, विधानसभा, मंदिर हसौद और आरंग क्षेत्र में हैं। बड़े-बड़े यार्ड भी इन्हीं इलाकों में हैं। इन क्षेत्रों को रायपुर देहात में शामिल किया गया है। इसी क्षेत्र में एयरपोर्ट, मंत्रालय, सचिवालय, विधानसभा, पर्यावरण आवास भवन सहित अन्य सरकारी दफ्तर स्थित हैं, जहां से शासन और सरकार का संचालन होता है। अब ये सभी क्षेत्र देहात का हिस्सा होंगे। ये रायपुर जिले का नक्शा है… ग्रीन हिस्सा कमिश्नरी में शामिल, जबकि पीले हिस्से में यह सिस्टम लागू नहीं होगा। फोर्स से लेकर अपराध का भी किया जाएगा बंटवारा पुलिस कमिश्नरी और देहात पुलिस सिस्टम के बीच बल और मामलों का पूरा बंटवारा किया जाएगा। इस सिस्टम से हथकड़ी, रस्सी से लेकर हथियार तक का विभाजन किया जाएगा। इसकी सूची भी तैयार कर ली गई है। रायपुर ग्रामीण का नया सेटअप तैयार करने में करीब एक माह का समय लगेगा। रायपुर देहात में भी बड़े सेटअप की तैयारी रायपुर ग्रामीण क्षेत्र में श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा को एसपी बनाया गया है। रायपुर रेंज आईजी की पोस्टिंग होनी है। उनके अधीन रेंज के डीआईजी रहेंगे। इसमें रायपुर ग्रामीण, महासमुंद, बलौदाबाजार, गरियाबंद व धमतरी जिले होंगे। रायपुर ग्रामीण में दो एएसपी, छह डीएसपी, 20 इंस्पेक्टर और 1 आरआई का सेटअप होगा। देहात एसपी के पास अलग से साइबर एंड क्राइम ब्रांच, पुलिस लाइन, ट्रैफिक, महिला थाना व अजाक थाना होगा। जो जहां है, वहीं होगी पोस्टिंग एएसपी, डीएसपी, टीआई से लेकर सिपाही तक, जो जिस थाने में वर्तमान में पदस्थ हैं, उन्हें उसी क्षेत्र का हिस्सा माना जाएगा। फोर्स बंटवारे के दौरान किसी को इधर-उधर नहीं किया जाएगा। जो टीआई देहात के थाने में हैं, वह देहात का हिस्सा होगा और जो शहर में हैं, वे पुलिस कमिश्नरी सिस्टम के अंतर्गत रहेंगे। कानून में कहीं भी नहीं लिखा निगम व देहात अलग-अलग हो पुलिस एक्ट या कानून में कहीं भी पुलिस कमिश्नरी सिस्टम नगर निगम सीमा में ही लागू करने का उल्लेख है। कानून में यह भी नहीं लिखा है कि गांव या पंचायत इसका हिस्सा नहीं हो सकते। इसके बाद भी ऐसी बाध्यता कर जिले की पुलिसिंग को दो हिस्से में विभाजित कर दिया गया है। इसमें कुछ प्रभावशाली आईपीएस और आईएएस शामिल हैं। कमिश्नरी में होंगे 21 अधिकारी, हर के पास 6 से 8 का स्टाफ पुलिस कमिश्नरी सिस्टम में 21 अधिकारियों की पोस्टिंग होगी। इनमें सात आईपीएस अधिकारी होंगे, जबकि शेष 14 एएसपी और डीएसपी रैंक के अधिकारी होंगे। प्रत्येक अधिकारी के पास 6 से 8 स्टाफ रहेगा। इस तरह करीब 130 कर्मी केवल अधिकारियों के लिए होंगे। पुलिस कोर्ट में भी अलग से स्टाफ तैनात किया जाएगा। रायपुर में होंगे दो पुलिस कंट्रोल रूम रायपुर जिले में अब दो पुलिस कंट्रोल रूम होंगे। इनके वायरलेस और अन्य सिस्टम अलग-अलग होंगे तथा कॉल साइन भी अलग रहेगा। पुलिस कमिश्नर को अल्फा, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त को डेल्टा कॉल साइन से पुकारा जाएगा। वहीं एसपी को विक्टर, एएसपी को माइक और डीएसपी को चार्ली कॉल साइन दिया जाएगा। इस तरह देहात क्षेत्र में माइक सिस्टम लागू होगा।


