ये तस्वीर नवा रायपुर स्थित सीबीडी रेलवे स्टेशन की है। करीब 75 करोड़ की लागत से बने इस मॉडल स्टेशन में ट्रेनों का संचालन इसी साल 29 मार्च से शुरू किया गया है। बावजूद इसके यहां सुविधाएं विकसित नहीं की जा सकी हैं। स्टेशन की सुरक्षा, टिकट की बिक्री और जांच सभी एक गार्ड के भरोसे है। सीबीडी स्टेशन से यदि आपको राजिम, अभनपुर या रायपुर का सफर करना है तो पहले आपको गार्ड को खोजना पड़ेगा। गार्ड ही टिकट काउंटर का ताला खोलता है और फिर टिकट देकर काउंटर बंद कर देता है। रात में गार्ड अपने घर चला जाता है और चाबी उसी के पास होती है। सुबह 8 बजे से पहले की ट्रेनों के लिए आपको एक दिन पहले ही टिकट लेना होगा, क्योंकि रात में गार्ड ताला लगाकर चला जाता है। स्टेशन में सफाई भी नहीं होती। यहां जगह-जगह गंदगी पसरी हुई है। नवा रायपुर में सीबीडी रेलवे स्टेशन भीतर से शानदार बना है, पर सुविधाएं नहीं। टिकट काउंटर का ताला खोलता गार्ड लखनू पटेल। काउंटर में बाहर जाले लगे हैं। भीतर रखे टिकट पर गार्ड ही तारीख की सील लगाकर यात्रियों को देता है। अगले दिन सुबह ट्रेन पकड़नी हो तो रात 8 से पहले लेनी होती है टिकट, वरना काउंटर पर ताला CBD स्टेशन: एक नजर एजेंसी को दिया गया है जिम्मा
जहां कम टिकट बिकते हैं, वहां का जिम्मा स्टेशन टिकट एजेंसी को दिया जाता है। पर टिकट नहीं मिलती तो समस्या को दूर करते हैं। करार के अनुसार सफाई की व्यवस्था एनआरडीए को देखनी है। हम टिकटिंग और रेल संचालन देखते हैं।
– दयानंद, डीआरएम रायपुर


