योगी को ‘कठमुल्ला’ जैसा शब्द नहीं बोलना चाहिए:बरेली में मौलाना बोले- उनका बयान गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला; सपा नेता को भी दी नसीहत

सीएम योगी के कठमुल्ला वाले बयान पर बरेली के मौलाना ने नाराजगी जाहिर की है। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा- वो सूबे के मुखिया हैं, उन्हें इस तरह के बयान नहीं देना चाहिए। उनको मर्यादा में रहकर जुबान का इस्तेमाल करना चाहिए। यह उनके पद और गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला बयान है। मौलाना ने कहा- योगी मजहबी रहनुमा
मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा- देखिए, विधानसभा में जिस तरह की जुबान इस्तेमाल की गई, उसका इस्तेमाल मुख्यमंत्री को नहीं करना चाहिए। मुख्यमंत्री एक मजहबी रहनुमा है, उत्तर प्रदेश के वो मुखिया भी हैं। किसी भी मुखिया को इतनी बड़ी कुर्सी जो कि जिम्मेदारी की कुर्सी है, तो उन्हें ऐसी भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए। इतनी जिम्मेदारी पर बैठे हुए शख्स को अपनी गरिमा में अपनी मर्यादा को देखते हुए दायरे में रहकर के ही जुबान का इस्तेमाल करना चाहिए। कठमुल्ला लफ्ज कहकर उन्होंने अपनी गरिमा को ठेस पहुंचाई है। सपा नेता माता प्रसाद को दी नसीहत
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने सपा के नेता माता प्रसाद के अंग्रेजी भाषा का विरोध करने के बयान पर भी विरोध जताया। उन्होंने कहा, हमें किसी भी भाषा से बैर नहीं रखना चाहिए। इंग्लिश और अरबी इंटरनेशनल भाषा है। इसलिए इन दोनों भाषाओं की जानकारी सबको होनी चाहिए। उन्होंने कहा- सपा के नेता माता प्रसाद ने अंग्रेजी का विरोध किया है। अंग्रेजी का विरोध करने का मतलब है कि आज के वक्त में अपने बच्चों के मुस्तकबिल की तरक्की को आप रोक रहे हैं। इंग्लिश और अरबी ये दो भाषाएं ऐसी हैं, जो पूरी दुनिया में बोली जाती हैं। आज के जमाने में इन्हीं भाषाओं को अपनाने में ही बेहतरी है। उन्होंने कहा- उर्दू जुबान उत्तर प्रदेश की तीसरी भाषा है। 1933 में इस भाषा को आगे बढ़ाने के लिए इसी के साथ साथ में हिंदी, संस्कृत, भोजपुरी को बढ़ाने के लिए अलग अलग एकेडमी कायम की गई। जो आज तक चली आ रही है। तो किसी भी भाषा से बैर रखना अच्छी बात नहीं है। योगी ने कहा था- देश को कठमुल्लापन की तरफ ले जाना चाहते हैं सपाई दरअसल,यूपी विधानसभा में मंगलवार को अंग्रेजी और उर्दू को लेकर जमकर बहस हुई। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि विधानसभा में अगर अंग्रेजी बोल सकते हैं तो उर्दू भी बोलने देना चाहिए। उर्दू भी तो भाषा है। इस पर सीएम योगी गुस्से में नजर आए। कहा- ये लोग अपने बच्चों को इंग्लिश स्कूल में पढ़ाएंगे। दूसरे के बच्चे के लिए अगर वह सुविधा सरकार देना चाहती है तो कहते हैं कि इसको उर्दू पढ़ाओ। यानी ये बच्चों को मौलवी बनाना चाहते हैं। देश को कठमुल्लापन की तरफ ले जाना चाहते हैं। यह नहीं चलेगा। यह समाजवादियों का दोहरा चरित्र है। इनको समाज के सामने एक्सपोज करना चाहिए। जाकी रही भावन जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी…। पढ़ें पूरी खबर… ………………………… यह भी पढ़ें : योगी बोले- मौनी अमावस्या पर महाकुंभ में 37 मौतें हुईं:संगम पर भगदड़ में 30 और बाकी जगह 7 श्रद्धालु मारे गए; विधानसभा में दिया जवाब यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को विधानसभा में 29 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन महाकुंभ में हुई भगदड़ का जिक्र किया। बताया कि उस दिन 37 लोगों की मौत हुई। कहा, संगम तट पर बैरिकेड टूटने से भगदड़ हुई। चपेट में 66 श्रद्धालु आए थे। पढ़िए पूरी खबर…

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