सांगानेर इलाके के जेडीए के जाेन-14 में सांगानेर इलाके के ग्वार बाह्मणान, काेकावास की कृषि जमीनाें पर बिना लैंड यूज चेंज के रंगाई-छपाई का अवैध इंडिस्ट्रयल एरिया पनप गया। 3 हजार बीघा में फैले इस इलाके में बनी रंगाई-छपाई की 500 से 600 फैक्ट्रियाें का खतरनाक केमिकल वेस्ट खुले में छाेड़ा जा रहा है। 10 किमी में ऐसी फैक्ट्रियाें से केमिकल के 15 से ज्यादा तालाब बन चुके हैं। इनसे वेस्ट टैंकराें के जरिए खेताें, नहराें में गंदा पानी छाेड़ा जा रहा है। इस कारण जमीन बंजर हाे रही है और केमिकल का पानी पीकर पशु-पक्षी मर रहे हैं। स्थानीय लाेगाें ने जेडीए, पाॅल्यूशन कंट्राेल बाेर्ड तक गुहार लगाई, लेकिन कार्रवाई की बजाय विभाग चुप्पी साधे है। हैरत की बात है कि खेती के नाम पर बिजली कनेक्शन लेकर फैक्ट्रियां चल रही हैं। (जैसा कि भास्कर रिपोर्टर इमरान खान, कन्हैया हरितवाल ने मौके पर देखा।) अवैध फैक्ट्रियों में केमिकल वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट नहीं
माैके पर भास्कर टीम को टैंकर खाली पड़े प्लॉटों और तालाबों में केमिकल वेस्ट खाली करते मिले। इन अवैध फैक्ट्रियों में वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट नहीं हैं। अवैध रूप से वेस्ट छाेड़कर केमिकल के 15 से अधिक तालाब बना दिए। केमिकल वेस्ट वाले इलाकों में जमीन बंजर हाे चुकी है। “ग्वार बाह्मणान, काेकावास पर बिना लैंड यूज कन्वर्जन के रिहायशी इलाकाें में रंगाई छपाई का अवैध एरिया बस गया। मास्टर प्लान में यहां सेक्टर सड़कें निकाली जानी हैं, लेकिन अवाप्त जमीनाें पर सड़क डिमार्केशन के बावजूद 5 साल में सैकड़ों अवैध फैक्ट्रियां बस गईं। 2020 से संबंधित विभागों से शिकायत कर चुके मगर कार्रवाई नहीं होती।”
– रामजीलाल शर्मा और माेहन लाल, स्थानीय निवासी


